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कहा – बजट 2026 में हेरिटेज साइट, हॉस्पिटेलिटी, टूर गाइड ट्रेनिंग और हाई वैल्यू कृषि फसलों पर विशेष फोकस 

शिमला। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि पर्यटन आज भारत की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा ड्राइवर बन चुका है और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों के लिए तो यह विकास का प्रमुख आधार है। उन्होंने कहा है कि हिमाचल की प्राकृतिक और सांस्कृतिक संपदा देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रही है और केंद्र सरकार पर्यटन आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए विशेष कदम उठा रही है। वे रविवार को यहां प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। 

शेखावत ने कहा कि हाल ही में केंद्र सरकार की स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इंफ्रास्ट्रक्चर योजना के तहत हिमाचल प्रदेश को पर्यटन वर्टिकल के विकास के लिए दीर्घकालिक 50 वर्ष अवधि का ब्याज-मुक्त ऋण स्वीकृत किया गया है, जो व्यवहारिक रूप से अनुदान के समान है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में पर्यटन ढांचे, सुविधाओं और कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बजट 2026 में 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों को विश्वस्तरीय एक्सपीरियंस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई है। उन्होंने बताया कि अब केवल उत्खनन कर स्थलों को छोड़ देने के बजाय उन्हें वैज्ञानिक तरीके से विकसित कर पर्यटन अनुभव केंद्र बनाया जाएगा, जैसा सफल मॉडल गुजरात के वडनगर में विकसित किया गया है। इसी प्रकार, देशभर में नए हेरिटेज एक्सपीरियंस जोन विकसित किए जाएंगे।

शेखावत ने कहा कि देश में तेजी से बढ़ते पर्यटन और होटल सेक्टर को देखते हुए प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता बढ़ रही है। इस दिशा में बजट में एक नेशनल हॉस्पिटेलिटी इंस्टीट्यूट स्थापित करने का प्रावधान किया गया है, ताकि तकनीकी रूप से दक्ष प्रोफेशनल तैयार किए जा सकें। साथ ही चयनित पर्यटन स्थलों पर 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को आधुनिक तकनीक, एआर-वीआर और डिजिटल टूल्स के साथ प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रैकिंग ट्रेल्स, बर्डिंग ट्रेल्स और विशेष ईको-टूरिज्म सर्किट के विकास का भी प्रावधान बजट में किया गया है, जिससे हिमाचल जैसे राज्यों को सीधा लाभ मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री ने कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि बजट में किसानों की आय बढ़ाने के लिए हाई वैल्यू फसलों नारियल, काजू, कोको और चंदन पर विशेष फोकस किया गया है। साथ ही प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने, वैकल्पिक आय स्रोत मजबूत करने, स्वयं सहायता समूहों, पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि किसानों की आय केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर न रहे, बल्कि वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग और निर्यात के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बहु-आयामी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि बजट 2026 पर्यटन और कृषि, दोनों क्षेत्रों को विकास के मजबूत स्तंभ के रूप में आगे बढ़ाने वाला बजट है। 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता महिला सशक्तिकरण, युवा विकास, किसान कल्याण और गरीब कल्याण है। 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं और तेजी से बढ़ते मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करना सरकार का कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि बजट निर्माण से पहले हजारों युवाओं से सुझाव लेकर शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता आधारित रोडमैप तैयार किया गया है। शेखावत ने कहा कि आत्मनिर्भरता और सस्टेनेबिलिटी आज राष्ट्रीय सुरक्षा के भी मूल मंत्र बन चुके हैं। बजट 2026 भारत को विकसित, सक्षम, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत और दूरदर्शी दस्तावेज है। 

By admin

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