बर्फबारी थमने के एक दिन बाद भी जनजीवन अस्त-व्यस्त
राज्यभर में बर्फबारी के चलते 1290 सड़कें बाधित
राजधानी शिमला बिना बिजली और पानी के
लोकिन्दर बेक्टा, शिमला। हिमाचल प्रदेश में बीते रोज हुई बर्फबारी के 2 दिन बाद की जनजीवन बुरी तरह से अस्त व्यस्त है। प्रदेश के बर्फबारी प्रभावित इलाकों में लोग बिना बिजली और पानी के रहने को मजबूर हैं। इसके चलते लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। लोगों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है। प्रदेश में बर्फबारी के कारण 1290 सड़कें बंद हैं, जबकि बर्फबारी प्रभावित अधिकांश इलाकों में संचार, बिजली और पेयजल आपूर्ति सेवाएं ठप हैं। बर्फबारी से निपटने में प्रशासन किस तरह से नाकाम साबित हुआ है, इस बात का अंदाजा यहीं से लगाया जा सकता है कि राजधानी शिमला में 2 दिन बाद की अधिकांश क्षेत्र बिना बिजली के हैं और शहर की सड़कों पर यातायात भी बहाल नहीं हो पाया है।
राजधानी शिमला में शनिवार दोपहरबाद तक सिर्फ पुराने बस अड्डे तक यातायात बहाल हुआ है, लेकिन सड़क पर अभी भी अत्यधिक बर्फ के कारण महज 3 किलोमीटर का सफर पूरा करने में भी लोगों को घंटों लग रहे हैं। शहर की शेष सड़कों पर अभी भी यातायात ठप है और लोगों को पैदल ही अपने गंतव्य तक पहुंचाना पड़ रहा है। भारी बर्फबारी और फिसलन के चलते शिमला शहर और आस-पास के बर्फबारी प्रभावित इलाकों में पैदल चलने वाले रास्ते जानलेवा साबित हो रहे हैं।
भारी बर्फबारी के चलते शिमला से आगे हिंदुस्तान तिब्बत सड़क यातायात के लिए पूरी तरह बंद है। इसके अलावा शिमला से रोहड़ू, शिमला से ठियोग और शिमला से चौपाल सड़कें भी पूरी तरह बंद है। बर्फबारी के चलते कोई भी पर्यटक शिमला से आगे नहीं जा पा रहा है और जो पर्यटक कुफरी, मशोबरा, फागु और नरकंडा की ओर फंसे हुए हैं, वे सभी लोग फिलहाल वहीं अटक गए हैं। हालांकि यह सभी पर्यटक सुरक्षित हैं।

शिमला शहर की प्रमुख सड़कें संजौली, ढली, छोटा शिमला, लक्कड़ बाजार सहित अधिकांश मार्गों पर यातायात पूरी तरह बंद हैं। प्रशासन ने बर्फ हटाने के लिए मशीनें तो चलाईं, लेकिन रेत और बजरी न डालने के कारण सड़कों पर जमी बर्फ शीशे जैसी फिसलन में तब्दील हो गई है। माल रोड, रिज मैदान और लोअर बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी अब तक बर्फ नहीं हटाई गई है जिसके चलते शनिवार को कई लोग फिसलकर घायल हो गए। सबसे चिंताजनक हालात प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी के रास्तों पर हैं। यहां रेत न डाले जाने से मरीजों और तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संजौली, जाखू, शैलेडे और केएनएच अस्पताल के मार्गों की स्थिति भी बेहद खराब बनी हुई है।
शनिवार को भी कर्मचारियों को पैदल ही कार्यालय पहुंचना पड़ा, जबकि बुजुर्ग और महिला कर्मचारी फिसलन के कारण रास्ते से लौटने को मजबूर हुए। वहीं, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी आज शहर में नहीं हो पाई।

सैलानियों ने बर्फ में की खूब मस्ती
लंबे इंतजार के बाद प्रदेश में हुई बर्फबारी का सैलानी खूब आनंद ले रहे हैं। पर्यटन नगरी शिमला में ताजा बर्फबारी के बाद पर्यटकों का तांता लगा हुआ है और शहर के अलग-अलग इलाकों में पर्यटकों ने आज दिनभर बर्फ में खूब अठखेलियां की। हालांकि बर्फ देखने के लिए शिमला पहुंच रहे पर्यटकों को सड़कों की हालत खराब होने और यातायात बहाल न होने के कारण परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। ताजा बर्फबारी के बाद खासकर शिमला में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है और बड़ी संख्या में पर्यटक अपने वाहनों में शिमला पहुंच रहे हैं। लेकिन शिमला से आगे सड़के बंद होने के कारण उन्हें परेशानियां भी झेलनी पड़ रही है और पैदल ही गंतव्य तक जाना पड़ रहा है।
26 जनवरी से फिर से बर्फबारी का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक हिमालयी क्षेत्र में 26 जनवरी से ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 26 जनवरी से 28 जनवरी तक प्रदेश में फिर से व्यापक बर्फबारी होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इसे लेकर एडवाइजरी भी जारी की है। विभाग ने 27 जनवरी को चंबा, कुल्लू, लाहौल स्पीति और किन्नौर में भारी बर्फबारी और वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है जबकि चार जिलों में और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। इन जिलों में ऊना, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर जिला शामिल है।
कहां कितनी बर्फबारी
बीते 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला के कोठी में सर्वाधिक 105 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई। इसके अलावा गोंदला में 85 सेंमी., केलांग में 75, खदराला में 69, कुफरी में 66, मनाली में 46, शिलारू में 45, कुकुमसेरी में 41, शिमला में 40, जोत में 32, हंसा में 30, सांगला में 28, भरमौर में 26, सलूणी में 25, जुब्बल में 20, कल्पा में 16, मुरंग में 14, सराहन में 12, रोहड़ू में 8, मुरारी देवी में चार और पालमपुर में दो सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई। इस दौरान धर्मपुर में सर्वाधिक 91 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा सोलन में 69 मिमी., कंडाघाट में 67, सलापड में 55, ऊना में 54, काहू में 53, पालमपुर में 53, बरठीं में 52, सेउ बाग में 44, कसौली में 44, बांगना में 44, देहरा में 43, सुंदर नगर में 43, नैना देवी में 42, रायपुर मैदान में 42 और संधोल में 41 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई।
