मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान की रही अहम भूमिका
शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में हुआ मारपीट मामला सुलझ गया है। इस विवाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। मंगलवार को मरीज और आरोपी डॉक्टर ने हाथ मिलाए और गले मिलते हुए अपने गिले शिकवे दूर किए। इसमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान की अहम भूमिका रही है। वे पिछले कुछ दिनों से दोनों पक्षों से संपर्क में थे और विवाद को शांत करने में जुटे थे और उनकी कोशिश आखिर सफल हो गई।
मंगलवार को नरेश चौहान के कार्यालय में दोनों पक्ष जुटे और फिर दोनों पक्षों में समझौता हुआ। इस दौरान डॉक्टर की मां और अन्य संबंधी मौजूद थे। वहीं दूसरे पक्ष के लोग भी थे। दोनों पक्षों के बीच समझौते के दौरान दोनों ने एक-दूसरे से और प्रदेशवासियों से माफी मांगी। दोनों ने कहा कि यह घटना अचानक हुई थी और अब आपसी विवाद सुलझा लिया गया है।
उधर, डॉ. राघव नरूला की मां ने कहा कि अर्जुन पंवर भी मेरा बच्चा है और राघव भी मेरा बच्चा है। मेरे लिए दोनों बराबर हैं। दोनों ने एक-दूसरे से माफी मांगी है और हम बच्चों के साथ हैं। वहीं, मरीज अर्जुन पंवर के पिता ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की वजह से उन्हें इंसाफ मिला। चौपाल के लोगों ने समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि आज उन्हें अच्छा लगा कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
इस बीच, मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि ये आकस्मिक घटना थी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों में समझौते के बाद केस को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर के टर्मिनेशन आदेश को खत्म करने के लिए सरकार कार्य कर रही है।
बता दें कि इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉ. राघव निरुला और मरीज अर्जुन सिंह के बीच कथित मारपीट हुई। इसका वीडियो वायरल हुआ और फिर विवाद बढ़ गया। इसके बाद यह विवाद डॉक्टरों की हड़ताल तक पहुंचा और अंत में समझौते से सुलझ गया।
