पठानिया ने कहा कि तीनों सत्रों को मिलाकर सदन में कार्य उत्पादकता 98 प्रतिशत के लगभग रही है जो माननीय सदस्यों, पक्ष तथा प्रतिपक्ष की संसदीय प्रणाली के प्रति प्रतिबद्वता को दर्शाता है।
तपोवन में आयोजित शीतकालीन सत्र बारे ओम बिरला को अवगत करवाते हुए पठानियां ने कहा कि 8 दिनों की बैठकों के दौरान 1699 स्कूली छात्र-छात्राओं ने दर्शक दीर्घा से सदन की कार्यवाही को देखा जो सुदृढ़ लोकतन्त्र का आधार है तथा युवा पीढ़ी भी जहां संसदीय प्रणाली में रूचि ले रही है, वहीं विश्वभर में हमारी लोकतान्त्रिक प्रणाली की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है।
इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 18 से 25 जनवरी, 2026 तक आयोजित होने वाले अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन को लेकर चर्चा की गई। साथ ही सम्मेलन में चर्चा के लिए लाए जाने वाले विषयों सहित देश व प्रदेश के कई सामाजिक तथा प्रशासनिक विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
