कहा – तीन साल शून्य काल, अब कांग्रेस ‘विजन, संकल्प’ का कर रही नाटक
मंडी। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जम्वाल ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार के तीन साल के कार्यकाल को “शून्य काल” करार दिया है। उन्होंने कहा कि इन तीन सालों की जिस सुक्खू सरकार की एक भी ठोस उपलब्धि नहीं है, वह अब जनता को भ्रमित करने के लिए मंडी में जश्न समारोह और ‘विजन-संकल्प’ के नाम पर नया तमाशा रचने जा रही है।
जम्वाल ने आरोप लगाया कि जनता के बीच किरकिरी होने के बाद कांग्रेस सरकार अब सफाई दे रही है कि यह कोई जश्न नहीं, बल्कि ‘विजन रैली’ है और उसके बाद जन संकल्प रैली की घोषणा कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इन ‘ज्ञानी नेताओं’ को कोई बताए कि विजन और संकल्प शुरुआत में लिए जाते हैं, तीन साल की विफलता के बाद नहीं।
जम्वाल ने कहा कि तीन वर्षों के दौरान सुक्खू सरकार की कार्यशैली सिर्फ़ शून्य, शिगूफ़े और शो होर्डिंग तक सीमित रही है। अब तक न नई योजनाएं शुरू हुईं, न रुकी हुई परियोजनाओं को गति मिली और न ही जनता को कोई राहत मिली। प्रदेश का हर वर्ग युवा, महिला, किसान, कर्मचारी सबने इस सरकार की नाकामी का बोझ झेला है। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि काम कुछ नहीं, और जश्न-विजन-संकल्प के नाम पर दिखावा सबसे ज़्यादा। उन्होंने कहा कि तीन साल की विफलता को छिपाने के लिए अब कांग्रेस ‘विजन’ बेच रही है, यह हिमाचल के साथ सबसे बड़ा मज़ाक है।
राकेश जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को यह समझना चाहिए कि जनता मूर्ख नहीं है। जब पूरे प्रदेश में बेरोज़गारी बढ़ी, महंगाई चरम पर गई, कथित भ्रष्टाचार के मामले सामने आए और प्रशासनिक अव्यवस्था ने विकास को पंगु कर दिया, तब सरकार चुप थी। लेकिन जैसे ही जनता सवाल पूछने लगी, सरकार ने जश्न, विजन और जनसंकल्प जैसे नाम गढ़कर अपनी असफलताओं को ढकने का प्रयास शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि दोष छुपाने के लिए कार्यक्रमों के नाम बदलने से सच नहीं बदलता।
जम्वाल ने पूछा – पूछा कि तीन साल की नाकामी के बाद कैसा विजन?
भाजपा मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि सुक्खू सरकार के तीन साल सिर्फ़ विवाद, घोषणाओं की कलाबाज़ी, अधूरे वादे और बदइंतज़ामी के रहे। बिजली, पानी, सड़कें, स्वास्थ्य, शिक्षा हर क्षेत्र में सरकार ने हिमाचल को बदतर स्थिति में पहुंचाया। कर्मचारियों से लेकर युवा तक, हर किसी ने इस सरकार के कारण सबसे मुश्किल दौर देखा है। अब जब जनता का गुस्सा चरम पर है, कांग्रेस सरकार उसे बहलाने के लिए विजन और संकल्प की नौटंकी कर रही है। उन्होंने पूछा कि तीन साल की नाकामी के बाद कैसा विजन? यह तो वैसा ही है जैसे “इम्तिहान में फेल होने के बाद कोई छात्र कहे कि अब मैं पढ़ाई शुरू करूंगा”। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को पहले अपने तीन साल का हिसाब देना चाहिए। सरकार को बताना चाहिए कि कौन सा वादा पूरा हुआ? किस क्षेत्र में सुधार हुआ? कौन सी नई योजना लागू हुई? कौन सा बड़ा प्रोजेक्ट शुरू हुआ? उन्होंने कहा कि सरकार के पास इन सवालों का कोई जवाब नहीं है। इसलिए अब रैलियों के नाम बदलकर जनता को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता सब जानती है, सब समझती है और अब इस सरकार की दिखावटी नौटंकियों का कोई असर नहीं होने वाला। हिमाचल की जनता तीन साल की बर्बादी को भूलने वाली नहीं।
