युवा आपदा मित्र को मिलेगा तीन साल का इंश्योरेंस
शिमला। आपदा मित्र योजना के तहत जिला शिमला में 550 युवा “आपदा मित्रों” को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें 200 एनसीसी, 100 एनएसएस, 100 नेहरू युवा केंद्र योजना और 100 भारत स्काउट एंड गाइड के छात्र शामिल हैं।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बुधवार को यहां आपदा मित्र योजना की समीक्षा बैठक करते हुए बताया कि 1 अक्टूबर 2025 से प्रशिक्षण आरंभ किया जाएगा, जिसमें मास्टर ट्रेनर के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें हिस्सा लेने वाले छात्रों को, जिनकी आयु 18 वर्ष से अधिक होगी, उन्हें प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा सर्टिफिकेट, आईईसी प्रचार-प्रसार सामग्री और आई कार्ड मुहैया करवाया जाएगा। इसके अलावा 03 साल तक आपदा मित्र का इंश्योरेंस कवर भी होगा। युवा आपदा मित्र में केवल एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवक और भारत स्काउट एंड गाइड्स के छात्र ही शामिल होंगे। पहले जिला में आपदा वालंटियर प्रशिक्षित किए गए थे, जिसमें आम युवा शामिल थे, लेकिन युवा आपदा मित्र बिल्कुल अलग है।
बैठक में बताया गया कि प्रशिक्षण 04 बैच में दिया जाएगा, जिसके लिए बटालियन ट्रेनिंग सेंटर होम गार्ड एंड सिविल डिफेंस सुन्नी, पराला, सरगीन और फायर ट्रेनिंग सेंटर बल्देयां को चिन्हित किया गया।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंघल, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल ज्योति राणा, एसडीएम ठियोग डॉ. मेजर शशांक गुप्ता, एसडीएम सुन्नी राजेश वर्मा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
शिमला शहर में पाइप्ड प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का मामला –उपायुक्त ने कंपनी को एक हफ्ते में प्रस्तावित योजना की विस्तृत प्रेजेंटेशन देने के दिए निर्देश
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में बुधवार को यहां शिमला शहर में गैस वितरण नेटवर्क के विकास और पाइप्ड प्राकृतिक गैस (पीएनजी) की आपूर्ति से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। उपायुक्त ने कहा कि शहर में गैस वितरण नेटवर्क का विकास शहरी प्रदूषण कम करने, रसोई गैस सिलेंडरों पर निर्भरता घटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लेकिन इसके साथ साथ यह लोगों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ एक अहम् विषय भी है जिस पर गंभीरता से विचार किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि शिमला शहर पूरा पहाड़ी पर बसा हुआ है और अन्य शहरों के मुकाबले यहां की भौगोलिक परिस्थिति भी अलग है। भूस्खलन के मध्यनजर पाइप लाइन को किस तरह से सुरक्षित रखा जा सकता है उस दृष्टि से भी विचार किया जाना चाहिए।
कंपनी के अधिकारियों ने बैठक में कहा कि उन्होंने प्रदेश के शिमला और मंडी शहर के लिए गैस वितरण नेटवर्क का प्रस्ताव दिया है और ऊंचाई की दृष्टि से यहां पर गैस वितरित करना सुरक्षित है।
उपायुक्त ने कंपनी के अधिकारियों को एक हफ्ते के भीतर शिमला शहर के लिए प्रस्तावित योजना पर विस्तृत प्रेजेंटेशन देने को कहा ताकि इस पर आगे कार्य किया जा सके। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त शिमला अभिषेक सिंघल, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, उपमंडलाधिकारी शिमला (शहरी) ओशिन शर्मा, डीएफएससी शिमला नरेंद्र धीमान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
