शिमला। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने आरोप लगाया कि शिमला जिले के कुमारसैन क्षेत्र में बरसात से प्रभावित लोगों को अब तक सरकार की ओर से न तो किराया मिल पाया है और न ही राशन की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। भारद्वाज ने कहा कि भाजपा की कुमारसैन इकाई के साथ उन्होंने प्रभावित क्षेत्रो कुमारसैन, ओडी, बढ़ोगी, बगैल, छबीशी और नारकंडा का दौरा किया और वहां प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि जिन लोगों के घर बरसात में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, उन्हें सरकारी अधिकारियों ने नोटिस जारी कर मकान खाली करने के आदेश तो दे दिए, लेकिन उनके पुनर्वास के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले घोषणा की थी कि प्रभावित परिवारों को किराया दिया जाएगा, मगर जमीनी स्तर पर यह आश्वासन आज तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि स्थानीय लोग ही आगे बढ़कर प्रभावित परिवारों को राशन और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवा रहे हैं, जबकि सरकार आंखें मूंदकर बैठी है। प्रभावित क्षेत्रों में सेब की फसल सड़कें बंद होने के कारण बाजार तक नहीं पहुंच पा रही है, जिससे बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस विधायक ने भी केवल औपचारिक दौरा कर कर्तव्य की इतिश्री कर दी, परंतु जमीनी स्तर पर कोई मदद प्रभावितों तक नहीं पहुंची। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने केवल “विंडो ड्रेसिंग” कर अपना चेहरा बचाने का प्रयास किया है। भारद्वाज ने प्रदेश सरकार को याद दिलाया कि आपदा प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित किया गया था। इसके अंतर्गत पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान के लिए 7 लाख, आंशिक क्षति वाले मकान के लिए 1 लाख, दुकान अथवा ढाबे के लिए 1 लाख, गौशाला क्षति पर 50,000 और किरायेदारों को सामान की हानि पर 50,000 रुपए देने की घोषणा की गई थी। मकान मालिक को 70,000 रुपए, बड़े दुधारू पशु की हानि पर 55,000 रुपए, जबकि छोटे पशुओं (भेड़, बकरी, सूअर, मेमने) की क्षति पर 9,000 रुपए प्रति पशु देने का प्रावधान था। इसके अतिरिक्त पूरी तरह क्षतिग्रस्त पॉलीहाउस के लिए 25,000 रुपए और मकान से गाद हटाने हेतु 50,000 रुपए सहायता देने का वादा किया गया था।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि दुख की बात है कि इस पैकेज का अब तक लाभ किसी भी प्रभावित परिवार तक नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावितों को पुनर्वास की दिशा में सभी सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध करवाई जाएं और घोषित मुआवजे को तुरंत लागू किया जाए।
