कहा – आज के युवा व छात्र संसदीय प्रणाली तथा संसदीय प्रक्रिया जानने के लिए सदन की कार्यवाही देखने के लिए आकर्षित हो रहे
सदन की कार्यवाही देखने विधान सभा पहुंचे स्कूल व कॉलेज के 280 छात्र-छात्राएं
शिमला। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि यह एक सुखद पल है कि आज के युवा व छात्र संसदीय प्रणाली तथा संसदीय प्रक्रिया जानने के लिए सदन की कार्यवाही देखने के लिए आकर्षित हो रहे हैं। यही भारत के लोकतंत्र की शक्ति है तथा इसका विश्व में सबसे बड़ा तथा मजबूत होने का दावा भी है। वे शुक्रवार को विधानसभा परिसर में स्नातकोतर महाविद्यालय नाहन, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला समरहिल, दयानन्द पब्लिक स्कूल शिमला, राजकीय महाविद्यालय जुखाला, जिला बिलासपुर तथा शहीद वेद प्रकाश राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बायचड़ी के लगभग 280 छात्र-छात्राओं के साथ संवाद कर रहे थे।

ये विद्यार्थी सदन की कार्यवाही देखने के लिए आए थे। इससे पूर्व, कौंसिल चैम्बर के बाहर विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर संसदीय प्रणाली, संवैधानिक व्यवस्था, स्पीकर के पद के महत्व व सदन संचालन में भूमिका तथा मंत्रीमण्डल की शक्तियों बारे कई प्रश्न पूछे, जिसका विधान सभा अध्यक्ष ने विस्तार से जवाब दिया।
कुलदीप पठानिया ने कहा कि लोक सभा तथा विधान सभा लोकतन्त्र के सबसे बड़े मन्दिर हैं जहां से देश की दशा व दिशा तय होती है। उन्होंने कहा कि संविधान में कानून बनाने का अधिकार केवल संसद व विधानसभा को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि हम लोकसभा तथा विधानसभा सदस्यों का चुनाव सीधा अपने मतों से करते हैं। लोक सभा तथा विधान सभा का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है जबकि राज्य सभा तथा विधान परिषद सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से किया जाता है।
कुलदीप पठानिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में विधायकों की संख्या 68 है, जबकि लोकसभा सदस्यों की संख्या 4 व राज्यसभा सदस्यों की संख्या 3 निर्धारित है। उन्होंने कहा कि आज का बालक कल का नेता है तथा अब देश व प्रदेश का भार आप सभी के कंधों पर है। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों को सदैव स्मरण रखना होगा, चूँकि आज अगर हम आजाद हैं, अपने हक की बात करते हैं, अपना संविधान है यह उन्हीं की शहादत की देन है।
इस अवसर पर पठानिया दोपहरबाद जिला चम्बा के लिए रवाना हुए जहां वह ग्राउंड जीरो पर भारी वर्षा से हुए नुकसान का जायजा लेंगे तथा प्रशासन को राहत व बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए प्रेरित करेंगे तथा उचित निर्देश देंगे। पठानिया 1 सितम्बर को सुबह हेलीकॉप्टर द्वारा चम्बा से शिमला पहुंचेंगे तथा 2 बजे से आरम्भ होने वाली सदन की कार्यवाही का संचालन करने के लिए मौजूद रहेंगे।
