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कहा -आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर सशक्त कदम उठा रही मोदी सरकार 

शिमला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व के आर्थिक मानचित्र पर एक उभरती महाशक्ति के रूप में अपनी पहचान दर्ज करवा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और अन्य वैश्विक संस्थाएं भारत की विकास दर को लेकर जिस प्रकार के अनुमान प्रस्तुत कर रही हैं, वे यह सिद्ध करते हैं कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि आईएमएफ की जुलाई 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की विकास दर का अनुमान 6.4 फीसदी तक बढ़ा दिया गया है, जो विश्व की प्रमुख और उभरती अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज़ है। यह न केवल प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है, बल्कि यह देश के नागरिकों के परिश्रम और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में किए गए प्रयासों का भी फल है।

भारत की वैश्विक पहचान हो रही मजबूत 

डॉ. बिंदल ने कहा, “आईएमएफ के अनुसार भारत 2027-28 तक 5.2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनकर अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बन जाएगा। इस दौरान भारत की वैश्विक जीडीपी में हिस्सेदारी 4 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। मोदी सरकार की नीतिगत स्थिरता, प्रगतिशील दृष्टिकोण और बुनियादी ढांचे में किए गए निवेश का परिणाम है कि भारत वैश्विक निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बन चुका है।”

भारत का उत्पादन, तकनीक और नवाचार में ऐतिहासिक प्रदर्शन 

डॉ. बिंदल ने कहा, “देश ने पहली बार एक साल में 1 बिलियन टन कोयले का उत्पादन कर ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है, जो हमारी ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर है। इसके साथ ही निर्माण क्षेत्र में 17 वर्षों की सर्वश्रेष्ठ वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे लाखों रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। स्मार्टफोन निर्माण और निर्यात में भी भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है और अमेरिका को सर्वाधिक स्मार्टफोन निर्यात करने वाला देश बन गया है। यह ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता की सशक्त मिसाल है।”

रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण में प्रगति 

डॉ. बिंदल ने बताया कि वर्ष 2017-18 से अब तक भारत में 17 करोड़ रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं, जिससे युवाओं की बेरोजगारी दर में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज हुई है। महिला श्रम भागीदारी दर भी 40 प्रतिशत से अधिक पहुंच चुकी है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी सफलता है। देश में डिजिटल क्रांति ने आमजन के जीवन को बदल दिया है। पिछले 6 वर्षों में 12,000 लाख करोड़ रुपए से अधिक मूल्य के 65 करोड़ डिजिटल लेन-देन दर्ज किए गए हैं। यह दर्शाता है कि कैसे ग्रामीण और शहरी भारत एक साथ डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति दे रहे हैं।

गरीबी में ऐतिहासिक गिरावट

डॉ. बिंदल ने बताया कि मोदी सरकार के प्रयासों से बहुआयामी गरीबी में ऐतिहासिक गिरावट आई है। 2014 में जहां 29 प्रतिशत जनसंख्या बहुआयामी गरीबी में थी, अब वह घटकर 11 प्रतिशत रह गई है। इसका श्रेय गरीबों के सशक्तिकरण, जन-कल्याण योजनाओं और पारदर्शी प्रशासन को जाता है।

कांग्रेस शासनकाल में पिछड़ा भारत, अब अग्रणी भारत 

डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भारत की अर्थव्यवस्था 13वें स्थान पर थी, लेकिन मोदी जी के नेतृत्व में 2020 में 9वें और 2023 में 5वें स्थान पर पहुंच चुकी है। अब 2028 तक भारत को तीसरे स्थान पर ले जाने का लक्ष्य है और यह लक्ष्य दूर नहीं, निकट भविष्य की हकीकत बनने जा रहा है।

डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि यह समय भारतीयों के लिए गर्व का है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत न केवल आर्थिक महाशक्ति बन रहा है, बल्कि “विकसित भारत” के सपने को साकार करने की ओर तेज़ी से अग्रसर है। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इस परिवर्तन का भागीदार है और आने वाले वर्षों में यही परिवर्तन हमें विश्वगुरु भारत के लक्ष्य तक पहुंचाएगा।

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