शिमला। फोरलेन निर्माण कार्यों से प्रभावित लोगों का गुस्सा बुधवार को एक बार फिर फूट पड़ा। शिमला के चक्कर स्थित एनएचएआई कार्यालय के बाहर फोरलेन प्रभावितों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, हिमाचल किसान सभा और सीटू के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने एनएचएआई और निर्माण कार्य में लगी गावर कंस्ट्रक्शन और भारत सिंगला कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि निर्माण कार्यों की वजह से मकानों में दरारें पड़ गई हैं। कई मकान असुरक्षित हो चुके हैं, लेकिन प्रभावितों को न तो मुआवजा मिला है और न ही रहने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। हिमाचल किसान सभा के अध्यक्ष कुलदीप तनवर ने कहा कि एनएचएआई के पास पहाड़ी क्षेत्रों के लिए कोई वैज्ञानिक रोड कंस्ट्रक्शन मॉडल नहीं है, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हो रहा है।
एनएचएआई के पास नहीं है हिल रोड कंस्ट्रक्शन का मॉडल
कुलदीप तनवर ने आरोप लगाया कि कंट्रोल विड्थ से बाहर भी हजारों लोगों को नुकसान हुआ है, लेकिन मुआवजा देने का कोई प्रावधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कंपनियों ने 80 फीसदी स्थानीय लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ। उन्होंने चेताया कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो 7 अगस्त तक प्रदेशभर में जनसभाएं आयोजित कर राज्य स्तरीय आंदोलन छेड़ा जाएगा।
अवैज्ञानिक कटिंग और अवैध माइनिंग से बर्बाद हुए घर
प्रभावित लोगों ने भी अपनी पीड़ा साझा की। उनका कहना था कि जिन घरों को असुरक्षित घोषित किया गया है, वहां से लोगों को निकाल तो दिया गया है लेकिन रहने के लिए न कोई किराया दिया जा रहा है, न ही कोई स्थायी व्यवस्था की गई है। कुछ जगहों पर एक कमरे में परिवारों को रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है। लोगों ने कहा कि जीवन भर की पूंजी से बनाए गए घर आज अवैज्ञानिक कटिंग, माइनिंग और डंपिंग की भेंट चढ़ गए हैं।हमने कंपनी से बार-बार गुहार लगाई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। अब हम किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि निर्माण कार्यों की स्वतंत्र जांच करवाई जाए और जिन परिवारों को नुकसान हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा और सुरक्षित रहने की व्यवस्था दी जाए।
मंत्री और सांसद भी जता चुके हैं नाराजगी
इस मुद्दे पर सरकार के भीतर से भी आवाज उठने लगी है। ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह पहले ही फोरलेन निर्माण की गुणवत्ता और कंपनियों की कार्यशैली पर सवाल उठा चुके हैं। वहीं, हमीरपुर से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। दौरे के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों को लेकर कंपनी अधिकारियों को फटकार लगाई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द प्रभावितों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया और अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लगी, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
