शिमला। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की राज्य कमेटी ने प्रदेश में भारी वर्षा और बाढ़ से हुई भारी तबाही पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। पार्टी ने इस आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में वह प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।
सीपीआईएम के राज्य सचिव संजय चौहान ने कहा कि इस आपदा ने लगभग पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में लिया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 69 लोगों की जान जा चुकी है और 37 लोग अभी भी लापता हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार लगभग 700 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अधिकांश क्षेत्रों में पेयजल, बिजली और परिवहन सेवाएं ठप हैं। मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, शिमला, सिरमौर और चंबा जिलों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।
चौहान ने कहा कि कई प्रभावित इलाकों में आज भी राहत कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पा रहे हैं। राशन की आपूर्ति बाधित है, सड़कें टूटी हुई हैं और लोग आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं। इसके चलते किसानों और बागवानों को भी भारी नुकसान हो रहा है, क्योंकि उनकी फसल मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने कहा कि सीपीआईएम की मांग है कि केंद्र सरकार राज्य को तत्काल 2000 करोड़ रुपये की राहत राशि और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए। जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न आपदाओं पर रोक के लिए ठोस नीति बने और उसे लागू किया जाए।
चौहान ने कहा कि राज्य सरकार जल्द सर्वदलीय बैठक बुलाए और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन हो। वहीं, मृतकों के परिजनों को पर्याप्त राहत राशि दी जाए और लापता लोगों की खोज में एनडीआरएफ व एसडीआरएफ को लगाया जाए। साथ ही बेघर हुए लोगों के लिए रहने और खाने की तुरंत व्यवस्था हो या किराए के मकान उपलब्ध कराए जाएं। संपत्तियों के नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए। प्रभावित क्षेत्रों में राशन, दवाओं और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सड़कों, पेयजल योजनाओं और बिजली आपूर्ति को बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जाए।
संजय चौहान ने कहा कि उनकी पार्टी राहत कार्यों में सरकार का पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने सभी जिला और स्थानीय कमेटियों को निर्देश दिए हैं कि वे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के साथ मिलकर राहत कार्यों में जुटें। उन्होंने प्रदेश की जनता से भी अपील की कि संकट की इस घड़ी में सभी मिलकर सहयोग करें।
