Spread the love

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा एवं सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन 

शिमला। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में सोमवार को यहां जिला स्तरीय त्रैमासिक समीक्षा एवं सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को लेकर खंड स्तर पर विस्तार से चर्चा की गई।

उपायुक्त ने कहा कि सभी बैंक लोगों को बेहतर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि लक्ष्यों का निर्धारण व्यावहारिक होना चाहिए ताकि निर्धारित लक्ष्य और प्राप्त लक्ष्य में अंतर ज्यादा न हो। 

बैठक में बताया गया कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत 8208.93 करोड़ रूपए का लक्ष्य दिया गया था, जिसमें से जिला ने वित्त वर्ष की आखरी तिमाही मार्च तक 6025.63 करोड़ रूपए का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है जोकि 73.40 प्रतिशत है। इसमें कृषि क्षेत्र में 61.97 प्रतिशत, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र में 92.58 प्रतिशत तथा अन्य प्राथमिकता क्षेत्र में 85.10 प्रतिशत का लक्ष्य प्राप्त किया गया है। 

उपायुक्त ने बैंकिंग अधिकारियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लोगों को प्रदान करने के निर्देश दिए ताकि जरूरतमंद परिवारजनों को इसका लाभ प्राप्त हो सके। जिला शिमला में प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 31 मार्च 2025 तक 199963 खाते खोले गए हैं। 

जून, 2024 तक प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 3 लाख 48 हजार 504 लोगों ने, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 01 लाख 49 हजार 131 लोगों ने एवं अटल पेंशन योजना के तहत 73 हजार 755 लोगों ने अपना पंजीकरण करवाया है। 

उन्होंने कहा कि मार्च, 2025 तक कुल 652 स्वयं सहायता समूह को 13 करोड़ 12 लाख रूपये की राशि ऋण सहायता के रूप में प्रदान की गयी है ताकि ग्रामीण महिलाओं की आजीविका में वृद्धि लायी जा सके। इसके साथ-साथ प्रधानमंत्री स्वरोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत जिला में मार्च, 2025 तक 189 मामलों के तहत 17 करोड़ 45 लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। 

किसानों को केसीसी की अदायगी के लिए करें प्रोत्साहित 

बैठक में बताया गया कि मार्च 2025 तक किसान क्रेडिट कार्ड के कुल 93745 खातों में 3304 करोड़ 12 लाख रूपए की बकाया राशि है। उपायुक्त ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड के तहत कोई भी किसान डिफाल्टर नहीं होना चाहिए इसलिए किसानों को समय पर अदायगी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाये। 

बैठक में बताया गया कि इस तिमाही में सभी बैंक द्वारा लगभग 736 वित्तीय साक्षरता शिविरों का आयोजन किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम आगामी तिमाही में देखने को मिलेंगे। उन्होंने सभी बैंक के अधिकारियों को इस संदर्भ में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साक्षरता शिविरों के माध्यम से बैंकिंग अधिकारी ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सरकार की योजनाओं एवं बैंकिंग प्रणाली से अवगत कराएं।

बैठक में बताया गया कि गत वित्त वर्ष के दौरान ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान एवं वित्तीय साक्षरता एवं क्रेडिट परामर्श केंद्र द्वारा 34 बैच में कुल 1078 प्रशिक्षुओं को मधुमक्खी पालन, ब्यूटी पार्लर चलाने, जूट के उत्पाद तैयार करने, पापड, अचार व मसाला पाउडर तैयार करने, सूट सिलने आदि से सम्बंधित प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। 

इस अवसर पर अग्रणी जिला प्रबंधक कुलवंत राय ने उपायुक्त का स्वागत किया और उन्हें गत बैठक की कार्यवाही से अवगत करवाया। 

बैठक में आरबीआई से एजीएम आशीष शर्मा, नाबार्ड से डीडीएम विवेक अबरोल, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र संजय कंवर, उपनिदेशक पशुपालन डॉ. नीरज मोहन, उपनिदेशक कृषि अजब कुमार नेगी, विभिन्न बैंक के अधिकारी एवं प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। 

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *