शिमला। प्रदेश के विभिन्न जनसंगठनों ने उत्तर प्रदेश के हाथरस में युवा लड़की से गैंगरेप के खिलाफ पूरे प्रदेश में धरना प्रदर्शन किया। धरने में जनवादी महिला समिति, दलित शोषण मुक्ति मंच, नौजवान सभा, सीटू, तथा एसएफआई और किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।शिमला में सभी संगठनों के नेताओं ने अपने भाषण में कहा कि आज दिन प्रतिदिन महिला के साथ बलात्कार, हिंसा, अपराध और अत्याचार बढ़ रहे हैं। इन अत्याचारों के ग्राफ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में और ज्यादा बढ़े हैं। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार संविधान को दरकिनार करके मनुस्मृति के सिद्धांतों पर सरकार चला रहे हैं। जिसका ज्वलंत उदाहरण वहां के मंत्री कुलदीप सिंह सेंगर का है जो उनावो केस के आरोपी हैं।
हिमाचल जनवादी महिला समिति की सचिव फालमा चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश के जंगलराज में जिस तरह से महिला और बच्चियों से दुराचार हो रहा है, उसकी सभी वर्गों ने घोर निंदा की। उन्होंने कहा कि योगी की सरकार गुंडों को शरण दे रही है जिसकी वजह से वहां पर कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है।चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भी महिलाओं और बच्चियों से लगातार बलात्कार और अपराध की घटनाएं बढ़ रही है, जिसको रोकने के लिए सरकार हर स्तर पर विफल रही है। हिमाचल में महिला सुरक्षा का सिर्फ सरकार द्वारा नारा ही दिया जाता है, लेकिन धरातल पर ये सरकार लोगों की सोच को नहीं बदल पाई है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में दलितों और महिलाओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।हिमाचल के हमीरपुर जिला में आज युवती की लाश मिलना भी एक दुखद घटना है। धरना प्रदर्शन के बाद सभी सगठनों ने भारत के राष्ट्रपति को प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन भी दिए। ज्ञापन के माध्यम से सभी सगठनों ने मांग की कि दोषियों को सख़्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। पीड़िता के परिवार को न्याय मिलना चाहिए। साथ ही उसके परिवार को सुरक्षा मिलनी चाहिए।
