एफआईआर में दूसरे अधिकारी का नाम जोड़ा जाए और सीबीआई से हो जांच – भाजपा
शिमला। हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के तहत एचपीपीसीएल के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। भाजपा ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई है।
विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के नेतृत्व में भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। भाजपा नेताओं ने मांग की कि एफआईआर में दूसरे अधिकारी का भी नाम शामिल किया जाए और इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा विधायक दल इस घटना को लेकर बेहद दुखी और चिंतित है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और परिजनों और कर्मचारियों को आंदोलन करने के लिए मजबूर किया। ठाकुर ने कहा कि विमल नेगी पिछले कई दिनों से लापता थे, लेकिन पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की। 18 मार्च 2025 को उनका शव गोविंद सागर झील से बरामद हुआ, जिसके बाद एचपीपीसीएल के कर्मचारियों और विमल नेगी के परिजनों ने प्रबंध निदेशक हरिकेश मीणा और निदेशक देशराज को उनकी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया।
भाजपा नेताओं ने कहा कि परिजनों और कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विमल नेगी पर गलत काम करने का दबाव डाला जा रहा था, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान थे। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस दबाव के कारण नेगी को आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। पार्टी ने मांग की कि इस घटना में संलिप्त अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
सरकार पर कार्रवाई में लापरवाही बरतने का आरोप
भाजपा ने सरकार पर आरोप लगाया कि परिजनों के विरोध के बाद ही कार्रवाई की गई। पहले सिर्फ एचपीपीसीएल के निदेशक को निलंबित किया गया, लेकिन प्रबंध निदेशक को सिर्फ पद से हटाकर बचाने की कोशिश की गई। इसके बावजूद जब परिजन नहीं माने, तब जाकर एफआईआर दर्ज की गई और शव का दाह संस्कार किया गया।
भाजपा ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में दो प्रमुख मांगें रखीं हैं। इस ज्ञापन में कहा गया है कि एफआईआर में केवल एक अधिकारी का नाम दर्ज किया गया है, जबकि दूसरे अधिकारी का नाम नहीं जोड़ा गया है, जो कि गलत है। भाजपा ने मांग की कि एफआईआर में दूसरे अधिकारी का नाम भी जोड़ा जाए।
भाजपा ने यह मांग भी की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को जिम्मेदारी सौंपी जाए। साथ ही, एचपीपीसीएल में पिछले दो वर्षों की गतिविधियों की भी जांच की जाए।
भाजपा ने यह भी सवाल उठाया कि इस मामले की जांच के लिए एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को नियुक्त किया गया है, जबकि इस मामले में एक अन्य आईएएस अधिकारी की संलिप्तता के आरोप लगे हैं। भाजपा ने कहा कि आईएएस अधिकारी द्वारा आईएएस अधिकारी की जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती और इस पर गंभीर सवाल उठते हैं।
भाजपा की सरकार को चेतावनी
भाजपा नेताओं ने कहा कि अगर सरकार इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं करवाती तो भाजपा सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। पार्टी ने चेतावनी दी कि सरकार को परिजनों और कर्मचारियों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और उनकी मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए। राज्यपाल ने भाजपा नेताओं को आश्वासन दिया कि वे इस मामले को लेकर उचित कदम उठाने के लिए सरकार से बात करेंगे।
