हमीरपुर। पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने देवभूमि हिमाचल प्रदेश में नशे के कारोबार के तेजी से पांव पसारने पर गहरी चिंचा जताई है। उन्होंने कहा कि इससे युवा पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिट्टे का बढ़ता कारोबार न केवल सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि हिमाचल जैसे देवभूमि की छवि को भी धूमिल कर रहा है।
राजेंद्र राणा ने सोमवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार को एक सख्त कानून बनाने के साथ-साथ इस कारोबार की रोकथाम के लिए तुरंत विशेष टास्क फोर्स गठित करनी चाहिए। राणा ने कहा कि हिमाचल का युवा वर्ग तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रहा है, जिससे न केवल उनका व्यक्तिगत जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि उनके परिवार और समाज पर भी बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस समस्या पर काबू नहीं पाया गया, तो इसके दुष्परिणाम और भी गंभीर हो सकते हैं। युवाओं को इस दलदल से बाहर निकालने और नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए सरकार को अब कड़े कदम उठाने होंगे।
सख्त कानून और राजनीतिक एकजुटता की जरूरत
पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि सरकार को मजबूत इच्छाशक्ति दिखाकर इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होने की अपील की, ताकि एक सख्त कानून बनाया जा सके और नशा माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सके।
विशेष टास्क फोर्स बनाने की मांग
राजेंद्र राणा ने एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने की भी मांग की, जो प्रदेशभर में नशे के व्यापार से जुड़े अपराधियों पर निगरानी रखे और उन्हें कानून के शिकंजे में लाए। उनका कहना है कि बिना किसी कड़े तंत्र के इस गहरी जड़ जमा चुके नशे के कारोबार को खत्म करना आसान नहीं होगा। उन्होंने सरकार से भी इस बारे ढुलमुल रवैया त्यागने की अपील की। उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों के दौरान नशे का यह कारोबार प्रदेश में तेजी से फैला है और सरकार को नींद से जाग जाना चाहिए।
अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह
राणा ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें और यह सुनिश्चित करें कि वे नशे की चपेट में न आएं। उन्होंने कहा, अभिभावकों को जागरूक रहना होगा कि उनका बच्चा किन लोगों के साथ उठता-बैठता है और कहीं वह गलत संगति में तो नहीं पड़ रहा। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश में चिट्टे और अन्य नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रचलन को लेकर आम जनता भी बेहद चिंतित है। कई सामाजिक संगठन और स्थानीय लोग लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं और सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। इसलिए हिमाचल की देवभूमि को नशे के चंगुल से बचाने के लिए अब सख्त कार्रवाई जरूरी हो गई है।
