बिलासपुर। बिलासपुर जिले के घुमारवीं में जिला प्रशासन बिलासपुर द्वारा आयोजित निशुल्क सहायता उपकरण शिविर में नगर नियोजक, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने घुमारवीं और झंडुता उपमंडल के 140 पात्र दिव्यांगजनों को एडिप और राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत सहायक उपकरण वितरित किए। इनमें व्हील चेयर, कान की मशीन और विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए मोबाइल फोन सहित अन्य सहायक उपकरण शामिल थे।
राजेश धर्माणी ने कहा, “प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में शामिल करने और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिव्यांगजनों को हरसंभव सहायता मिले और वे आत्मनिर्भर बन सकें।” उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने समाज के पिछड़े और जरूरतमंद वर्गों के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई हैं, जिनमें विशेष रूप से मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना शामिल है। इसके तहत अनाथ बच्चों को प्रदेश सरकार ने गोद लिया है और इन बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार कार्य कर रही है।
धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार उपमंडल स्तर पर असेसमेंट कैंप लगाने का निर्णय ले चुकी है, जिससे दिव्यांगजनों की पहचान सही तरीके से की जा सके और उन्हें उनकी आवश्यकता अनुसार सहायक उपकरण वितरित किए जा सके। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आगामी समय में यह असेसमेंट कैंप छोटे से छोटे स्तर पर भी आयोजित किए जाएंगे, जिसमें कुछ ग्राम पंचायतें भी शामिल होंगी। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश के किसी भी दिव्यांगजन को सहायता से वंचित न रखा जाए और उनकी पहचान हर संभव तरीके से की जा सके।
कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी के पूर्व महासचिव विवेक कुमार, जिला परिषद सदस्य शालू राणावत और प्रमिला बसु, एसडीएम गौरव चौधरी, जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल, जिला दिव्यांग कल्याण संघ के अध्यक्ष विनोद, और एलिम्को के प्रतिनिधि तुषार विशेष तौर पर उपस्थित रहे।
