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शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि अब सरकार द्वारा राजभवन पर निशाना साधा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजभवन की गरिमा है जिसे जानबूझकर तार-तार करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए और इस तरह की गंदी राजनीति को रोकना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह हर संस्था के खिलाफ राजनीति प्रदेश के हित में नहीं है। 

जयराम ठाकुर ने कहा कि किसी भी प्रकार का बयान राजभवन के खिलाफ देने के पहले नेताओं को अवश्य सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है कि वह अपने नेताओं को काबू में रखें और राजभवन को अपनी राजनीति का हिस्सा न बनाएं। लोगों द्वारा राजभवन पर यह हमला सोची समझी साजिश के तहत किया जा रहा है। इसलिए मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे लोगों पर लगाम लगाए। भारतीय जनता पार्टी राजभवन की गरिमा के विपरीत किसी भी प्रकार का आचरण  सहन नहीं करेगी। 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राजनीति चमकाने के लिए नेताओं द्वारा अनाप-शनाप बयान दिया जा रहा है। इस तरह की परंपरा किसी भी तरह से सही नहीं है। राजभवन को अपनी ओछी राजनीति के लिए निशाना बनाने की परंपरा हिमाचल में कभी नहीं रही है। इसलिए ऐसी परंपरा डालने वालों के खिलाफ प्रदेश के मुखिया और कांग्रेस के मुखिया को रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से राजभवन को निशाना बनाया जा रहा है उससे यह साफ है कि सरकार में बैठे लोग अपनी नाकामी से प्रदेश के लोगों का ध्यान हटाना चाहते हैं। इसलिए इस तरह की अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। ऐसे लोगों को यह समझना चाहिए कि वे अब बेनकाब हो चुके हैं, इसलिए उनके यह हथकंडे काम नहीं करेंगे। 

रिज मैदान पर अराजक तत्वों का उपद्रव शर्मनाक एवं दुर्भाग्यपूर्ण 

जयराम ठाकुर ने कहा कि बीते कल शिमला के रिज मैदान पर देर रात जिस तरह उपद्र हुआ, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक घटना है। सबसे दुख:द यह है कि इस घटना को वहां होने दिया गया। जब यह सब कुछ वहां हो रहा था तो  वहां भारी संख्या में सुरक्षा कर्मी आस-पास अवश्य मौजूद थे, लेकिन फिर भी है तांडव होता रहा। क्या इस तरीके के अराजक तत्वों पर लगाम नहीं लगाई जा सकती है? सवाल यह है जब प्रदेश के मुखिया ही कहेंगे कि पुलिस लोगों पर कार्रवाई न करें तो स्वभाविक है ऐसे मामलों में पुलिस अपने कदम पीछे खींचेगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार की घटना कल हुई है वैसी घटना कुछ दिन पहले भी हुई थी, जिसके बाद प्रदेश के लोगों ने सरकार के रवैए पर सवाल उठाए थे। दुख इस बात का है कि पुरानी घटना से न सरकार ने सबक लिया और नहीं प्रशासन ने। इस तरीके की घटनाओं से हिमाचल प्रदेश की पूरे देश में किरकिरी हो रही है लेकिन सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है।

By admin

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