शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार में उद्योग मंत्री रहेव भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार का दो साल का कार्यकाल असफलताओं से भरा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू पर व्यंग्य करते हुए कहा कि जैसे कुछ बच्चों को आदत होती है कि वह असफलता का भी जश्न मनाते हैं। ऐसे में राज्य सरकार अपने फैलियर का जश्न मनाने का काम कर रही है।
बिक्रम सिंह ठाकुर ने मंगलवार को यहां कहा कि मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति असंवैधानिक रूप से की गई थी। बार-बार भारतीय जनता पार्टी तो यह बात कह रही थी और अब कोर्ट के फैसले से यह साबित हो गया है। उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट जा रही है और सुप्रीम कोर्ट जाकर भी औंधे मुंह गिरने वाली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि मुख्य संसदीय सचिवों की कुर्सी बचाने पर कितनी धनराशि खर्च की गई है। उन्होंने कहा कि बीते दो साल में एक भी अच्छा काम नहीं हुआ है और राज्य सरकार ने जो फैसला लिया, उसका परिणाम उल्टा ही आया है। बात चाहे टॉयलेट टैक्स की हो या एचआरटीसी में किराए की, हर जगह राज्य सरकार की फजीहत ही हुई है।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि समोसे पर जांच करके भी मुख्यमंत्री ने हर जगह अपनी फजीहत कराने का काम किया है। अब मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति असंवैधानिक करार दिए जाने के बाद मंत्री बनने की लड़ाई तेज हो गई है। यहां ‘एक अनार और सौ बीमार’ वाली स्थिति पैदा हो गई है। बिक्रम ठाकुर ने बद्दी की पुलिस अधीक्षक इल्मा अफरोज की लंबी छुट्टी पर जाने को लेकर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी अच्छा काम करता है, उन्हें कांग्रेस काम नहीं करने देती है। वे निष्पक्षता के साथ काम कर रही थी, तो उन्हें लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया।
