शिमला।
प्रदेश की अग्रणी स्वयंसेवी संस्था हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति ने पीजीआई चंडीगढ़ में कार्यरत एनेस्थीसिया एवं इंटेसिव केयर विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. राजीव चौहान को उनकी नई खोज ऑटोमेटिक एंबू बैग तैयार करने पर बधाई दी है। समिति के संस्थापक अध्यक्ष और वर्तमान में हिमाचल किसान सभा के राज्याध्यक्ष डाॅ. कुलदीप सिंह तंवर ने डाॅ. राजीव चौहान को बधाई देते हुए कहा कि डाॅ. चौहान की यह खोज न केवल आपदा की इस घड़ी में कोरोना ग्रस्त मरीज़ों के लिए संजीवनी का काम करेगी, बल्कि आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई क्रांति और नए युग का आगाज़ करेगी।
डाॅ. तंवर ने हिमाचल और केन्द्र सरकार से डाॅ. राजीव चौहान और उनके साथ इस प्रोजेक्ट में काम कर चुके इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बंगलुरू के इंजीनियर इशान धर और आकाश को सम्मानित करने की सिफारिश भी की है।
डाॅ. तंवर ने कहा कि डाॅ. राजीव द्वारा तैयार ऑटोमेटिक एंबू बैग से भविष्य में उन हजारों मरीज़ों को बचाया जा सकता है जो समय पर वेंटिलेटर सुविधा न मिलने के कारण अपनी जान गवां बैठते हैं। डाॅ. तंवर ने कहा कि कम कीमत का यह ऑटोमेटिक एंबू बैग न केवल राज्य, क्षेत्रीय या जिला अस्पतालों तक पहुंचाया जाना चाहिए, बल्कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तक इसे स्थापित करना चाहिए, ताकि पहाड़ों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों मेें आम जन को इसका लाभ मिल सके।
सामाजिक सरोकार के लिए डॉ. चौहान को साधुवाद -जीयानंद शर्मा
वहीं, हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति के राज्य सचिव जीयानन्द शर्मा ने डाॅ. राजीव चौहान के सामाजिक सरोकार के लिए उन्हें साधुवाद दिया है। शर्मा ने कहा कि समाज के प्रति संवेदशील डाॅक्टरों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार को अपने स्वास्थ्य बजट में अलग से भी प्रावधान रखना चाहिए और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए अनुसंधानों को आगे बढ़ाने के लिए सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए। शर्मा ने कहा कि प्रदेश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है बस उन्हें पहचानने और प्रोत्साहन देने की ज़रूरत है।
चौहान ने किया महान कार्य – पुंडीर
वहीं, जन स्वास्थ्य अभियान हिमाचल इकाई के संयोजक सत्यवान पुण्डीर ने भी डाॅ. राजीव चौहान और उनकी टीम की सराहना की और कहा कि ऑटोमेटिक एंबू बैग तैयार करके डाॅ. चौहान और उनके सहयोगियों ने जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महान कार्य किया है।
