मस्जिद के अवैध पाए जाने की स्थिति में इसे किया जाएगा जमींदोज: विक्रमादित्य
शिमला। शहरी विकास एवं लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि आंतरिक सुरक्षा व कानून व्यवस्था को बनाए रखने पर सरकार का फोकस है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाहर से आने वालों की पहचान का सत्यापन किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन के साथ साथ पुलिस भी सत्यापन का काम करेगी। वे बुधवार को यहां मीडया से बात कर रहे थे।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बाहरी राज्यों से गलत पहचान के जरिए अवैध तौर पर हिमाचल आने वाले लोगों की पहचान की जांच होगी। उन्होंने कहा कि पहचान का सत्यापन पुलिस के साथ साथ स्थानीय प्रशासन भी करेगा। उन्होंने कहा कि जहां तक संजौली मस्जिद विवाद की बात है, नगर निगम शिमला के आयुक्त की अदालत में 2010 से मुकद्दमा चल रहा है। इस दौरान नगर निगम पर माकपा व भाजपा काबिज रही। 5 साल भाजपा की सरकार भी प्रदेश में रही। उन्होंने कहा कि निगमायुक्त भी उन्हीं के थे। मामला सालों से लंबित है। नगर निगम आयुक्त की अदालत में मस्जिद के अवैध पाए जाने की स्थिति में इसे जमींदोज किया जाएगा।
लोकनिर्माण मंत्री ने कहा कि जहां तक इसमें अवैध भवन के निर्माण की बात है, उस पर सरकार ने संज्ञान लिया है। मैंने विधानसभा में भी मजबूती से कहा है कि जैसे ही इसमें फैसला आता है और अगर ये अवैध पाया जाता है तो निश्चित तौर पर इसे ध्वस्त किया जाएगा। मगर हमें कानून की प्रक्रिया से आगे चलना है। हम चाहते हैं कि हिमाचल प्रदेश में शांति का माहौल बना रहे।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि धर्मांतरण पर रोक लगाने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य है। साल 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने राज्य में जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाई थी। उन्होंने कहा कि यह हिमाचल के इतिहास में दर्ज है। इसको कोई नहीं बदल सकता। यही नहीं हिमाचल में सैकड़ों मंदिरों के पुनर्निर्माण के लिए भी करोड़ों रुपए कांग्रेस की सरकार ने समय-समय पर दिए हैं।
सनातनी होने पर गर्व – विक्रमादित्य सिंह
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मुझे सनातनी होने पर गर्व है। मैं तो खुद प्रभु श्री राम का आशीर्वाद लेने के लिए 22 जनवरी को अयोध्या गया था। मगर जहां तक सरकार की कार्रवाई की बात है, सरकार में कानून के दायरे में ही काम होते हैं। उन्होंने कहा कि कानून की अपनी एक प्रक्रिया है और मैंने पहले भी इस बात को कहा कि हिमाचल प्रदेश इज नॉट बनाना रिपब्लिक। जहां पर सेंटीमेंट पर ही सरकार कार्य कर ले, ऐसा नहीं हो सकता है।
