कहा – सरकार नहीं गिरने वाली, बल्कि होगी और मजबूत
शिमला। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया एवं कांग्रेस उपाध्यक्ष नरेश चौहान ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से पूछा है कि पिछले 15 महीने में उन्होंने जनहित को लेकर क्या मुद्दे उठाए और क्या एक भी चिट्ठी सरकार को लिखी है। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर जनहित के मुद्दों पर बात न करते हुए केवल कांग्रेस सरकार को गिराने का राग अलाप रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार पहले भी स्थिर थी और आज भी स्थिर है कल भी स्थिर रहेगी। चौहान ने सेमवार को यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से जानना चाहा कि वह किस आधार पर यह बात कर रहे हैं कि सरकार गिर रही है। उनकी यह बात प्रदेश की जनता की भी समझ से परे है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने 15 माह में एक भी ऐसा एक पत्र सरकार को नहीं लिखा है, जिसमें जनहित से जुड़े मसले का उल्लेख किया गया हो। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर को मालूम होना चाहिए कि सदन में कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत है। प्रदेश में हो रहे तीन उपचुनाव में भी कांग्रेस को ही बढ़त मिलेगी और तीनों सीट कांग्रेस जीतेगी।
नरेश चौहान ने आरोप लगाया कि जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री रहते हुए प्रदेश को कर्जा लेने का मॉडल बना दिया। इसी का परिणाम रहा है कि जनता ने भाजपा को विधानसभा चुनाव में विपक्ष में बिठाया और कांग्रेस को सत्ता में लाया। इसके बावजूद भाजपा ने बहुमत से चुनी सरकार को गिराने का षड्यंत्र रचा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ बागी विधायकों और निर्दलीय विधायकों के सहारे आपरेशन लोटस के प्रयास हुए, लेकिन सब धरे के धरे रहे गए हैं और धनबल की राजनीति को प्रदेश की जनता ने ठकुरा दिया। इसी का परिणाम रहा कि बीते 6 में से 4 उपचुनाव में कांग्रेस को जीत मिली।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इसी तरह अब जनता 3 उपचुनाव में लोकतंत्र और जनमत का मजाक उड़ाने वालों को करार जवाब देगी। उन्होंने कहा कि पूर्व 3 निर्दलीय विधायक एवं उपुचनाव को लेकर भाजपा प्रत्याशियों से जनता पूछ रही है कि आखिर ऐसी क्या परिस्थियितां बनी कि उन्हें इस्तीफा देकर फिर से चुनाव में कूदना पड़ा। किस लोभ में आकर इन्होंने अपना इस्तीफा सौंपा है। उन्होंने कहा कि जनता की अदालत में भाजपा के 3 प्रत्याशियों को जवाब देना ही होगा।
बिहार का मॉडल नहीं चलेगा – चौहान
नरेश चौहान ने कहा कि हिमाचल में बिहार का मॉडल नहीं चलने वाला। उन्होंने कहा कि पूर्व निर्दलीय विधायक अब भाजपा प्रत्याशी के तौर पर केवल अपने हित के लिए चुनाव लड़ रहे हैं, उन्हें जनता के हितों से कुछ नहीं लेना देना। अगर ऐसा नहीं होता तो वे निर्दलीय विधायक के तौर पर भी अपने विधानसभा क्षेत्र की आवाज बुंलद कर सकते थे। उन्होंने कहा कि बार-बार उपचुनाव की स्थिति बनने से विकास कार्य भी प्रभावित हुए हैं।
हर चुनौती से बखूबी लड़ रही सुक्खू सरकार
नरेश चौहान ने कहा कि प्रदेश की सुक्खू सरकार हर चुनौती से बखूबी लड़ रही है। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में आई तो आर्थिक चुनौती सामने थी। इसके बाद प्राकृतिक आपदा और फिर सियासी संकट से निपटने की चुनौती सामने खड़ी थी। सरकार ने सभी चुनौतियों का बूखबी सामना किया और 15 माह के छोटे से कार्यकाल में अपनी 5 गांरटियों को पूरा करने के साथ ही जनहित में कई ऐतिहासिक निर्णय, जिन्हेंं प्रदेश की जनता ने भी सराहा है।
