शिमला। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष संजीव देष्टा ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की सुक्खू सरकार आज चुनाव को सामने देख फिर लोक लुभावनी गारंटी दे रही है, जबकि आज तक सत्ता में आने के लिए जो गारंटियां दी थी उन्हें पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले कहा था कि उनकी सरकार आने पर किसान-बागवान अपनी फसल का खुद दाम तय करेगा, परन्तु यह कितना सफल रहा और कितना धरातल पर उतरा, इसका भुक्तभोगी हर किसान और बागवान है। कांग्रेस ने यह गारन्टी भी दी थी कि किलो के हिसाब से सेब बिकेंगे, परन्तु उचित व्यवस्था न मिलने के कारण किसान-बागवान प्रदेश के बाहर की मंडियों की ओर रुख करना पड़ा।
देष्टा ने वीरवार को यहां मीडिया से बात करते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा कि सरकार द्वारा पिछले वर्ष घोषणा की थी कि बागवान अपने सेबों का मूल्य स्वयं तय करेंगे, लेकिन जो अव्यवस्था पिछले वर्ष मंडियों में देखने को मिली, उससे बेहतर किसानों ने प्रदेश से बाहर का रुख करना ही उचित समझा। उन्होंने कहा कि सरकार यदि सही मायने में यूनिवर्सल कार्टन को लागू करना चाहती है तो इस सम्बन्ध में सारी स्थिति समय रहते स्पष्ट करना चाहिए ताकि प्रदेश का बागवान पिछले वर्ष की तरह सरकार की बातों से गुमराह न हो व अपना नुकसान न कर बैठे।
किसान मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि एचपीएमसी और हिमफेड ने आज तक खरीदे सेब की पेमेंट नहीं दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की हर बात उनकी गारंटी की तरह झूठी व भ्रामक है। आज प्रदेशभर में आपसी फूट व अंतर्कलह की वजह से जो सरकार की फजीहत प्रदेशभर में हो रही है, उसको समेटने के लिए आज कांग्रेस बिना सोचे विचारे घोषणाएं करती जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव सामने हैं और चुनावों के सम्पन्न होते-होते जून माह तक का समय निकल जाएगा और उतने प्रदेशभर में सेब का सीजन शुरू हो जाएगा। ऐसे में सरकार का यूनिवर्सल कार्टन को लेकर क्या रोडमैप है, इसकी स्थिति सरकार स्पष्ट करनी चाहिए।
देष्टा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के हित में पिछले दस वर्षों में जो कार्य किए हैं, उससे निश्चित है कि इस बार हिमाचल से एकतरफा मतदान होगा और एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सरकार जून में बनेगी।
