शिमला। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस लोकसभा व विधानसभा उपचुनावों को बड़ी मजबूती के साथ लड़ेगी। पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता व पदाधिकारी फील्ड में उतरकर भाजपा के किसी भी दुष्प्रचार का मुहतोड़ जवाब देगी। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में मंगलवार को शिमला संसदीय क्षेत्र के विधायकों, पूर्व विधायकों, इस संसदीय क्षेत्र से विधानसभा प्रत्याशी रहे नेताओं, शिमला नगर निगम के महापौर, उप महापौर, जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष की हुई अहम बैठक में इसे लेकर रणनीति बनाई गई।
शिमला संसदीय क्षेत्र के चुनाव प्रभारी शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बैठक में कहा कि शिमला संसदीय क्षेत्र में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी पार्टी नेताओं को एकजुटता के साथ प्रचार में डटना होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रत्याशी की घोषणा के साथ ही सभी नेताओं को भाजपा के खिलाफ आक्रामक रुख अपना कर चुनाव मैदान में उतरना होगा। उन्होंने कहा कि शिमला संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी के तीन दिवंगत मुख्यमंत्री रहे हैं। प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार पच्छाद से थे, जबकि ठाकुर रामलाल जुब्बल-कोटखाई से व वीरभद्र सिंह रोहड़ू जुब्बल-कोटखाई के साथ-साथ शिमला ग्रामीण और अर्की से विधायक रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिमला संसदीय क्षेत्र शुरू से ही कांग्रेस का एक मजबूत किला रहा है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि दुर्भाग्य से पिछले लोकसभा चुनावों में शिमला संसदीय क्षेत्र में पार्टी को सफलता नही मिली, जबकि आज भी इस क्षेत्र के 17 हलकों में से 13 हलकों में कांग्रेस के विधायक है। शेष 4 हलकों में भी कांग्रेस मजबूत स्थिति में है। उन्होंने कहा कि इस बार शिमला संसदीय क्षेत्र में पार्टी की जीत के लिये सभी को एकजुटता के साथ कार्य करना होगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने इस दौरान कहा कि सभी कांग्रेस नेताओं को प्रदेश सरकार के 15 महीने की उपलब्धियां, जिसमें कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन बहाल करना प्रमुख रहा है। इसके साथ महिलाओं को 1500 रुपये देने की गारंटी पूरी की है, को प्रमुख तौर पर प्रचारित करना होगा।
बैठक में मौजूद सभी नेताओं ने भाजपा की दमनकारी नीतियों व निर्णयों के साथ-साथ जन विरोधी कार्यों को जनता के बीच प्रमुखता से उठाने को कहा। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रत्याशी घोषित होते ही सभी कांग्रेस जन पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव मैदान में डट जाएंगे।
