शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा से इस्तीफा देने वाले तीनों विधायक शनिवार को धरने पर बैठ गए। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा उनके इस्तीफे मंजूर न करने के विरोध में तीनों निर्दलीय विधायक विधानसभा में धरने पर बैठे।
निर्दलीय विधायकों होशयार सिंह, केएल ठाकुर और आशीष शर्मा ने आठ दिन पहले यानी 22 मार्च को विधायकी से इस्तीफा दिया था। इन तीनों सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष और सचिव के पास व्यक्तगत रूप से उपस्थित होकर अपने-अपने पद से लिखित में इस्तीफा सौंपा था। लेकिन 8 दिन का समय होने के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष द्वारा उनका इस्तीफा अभी तक मंजूर नहीं किया गया है। इसके विरोध में विधायक प्रदेश विधानसभा सचिवालय पहुंचकर धरने पर बैठ गए। इस्तीफा जल्द मंजूर नहीं होने की सूरत में इन्होंने कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ने की चेतावनी भी दी है।
तीनों निर्दलीय विधायकों ने कहा कि कांग्रेस सरकार में अभी तक हिमाचल प्रदेश में 14 महीने में एक भी विकास का कार्य नहीं हुआ। जितने भी कार्य हुए वो सभी पिछली भारतीय जनता पार्टी की सरकार में करवाए गए। उन्होंने इसी के विरोध में धरना प्रदर्शन करते हुए कहा कि लोकतंत्र की हत्या न हो, तुरन्त प्रभाव से हमारा इस्तीफा मंजूर करें और तीनों विधानसभा क्षेत्रों में मतदान करवाए जाए, जिससे दूध का दूध पानी का पानी सामने आ जाएगा।
उधर, देहरा से निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है। फिर भी उनका इस्तीफा मंजूर नहीं हो रहा। उल्टा विधानसभा अध्यक्ष ने नोटिस निकालकर उनसे 10 दिन में जवाब मांगा है।
नालागढ़ से विधायक केएल ठाकुर ने कहा कि उनके इस्तीफे को राजनीति रंग देने का प्रयास हो रहा है। एक हफ्ते से इस्तीफा मंजूर नहीं हो रहा। उन्होंने इस्तीफा मंजूर करने के लिए रिमाइंडर भी दे दिया है। उन्होंने कहा कि स्पीकर एक कॉन्स्टिट्यूशनल पोस्ट है और स्पीकर किसी के दबाव में आकर अगर ऐसी नोटिस इश्यू करता है तो वो लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने कहा कि बार-बार आग्रह करने के बाद, बार-बार ईमेल, बार-बार उनको रिपीटेड रिमाइंडर देने के बाद भी स्पीकर ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की और उसको एैवेज में एक नोटिस निकाल कर कहा गया कि इस्तीफा क्यों दिया, एक्सप्लेनेशन दो।
हमीरपुर से निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि इस्तीफा देने के लिए उन पर किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं डाला गया है। वह अब अपनी मर्जी से भाजपा में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा सचिवालय प्रशासन ने उन्हें धरने पर बैठने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने कहा कि अगर अब भी इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
तीनों आजाद विधायकों ने 22 मार्च को विधायकी से इस्तीफा देकर अगले दिन की थी भाजपा ज्वाइन
देहरा विधानसभा से आजाद विधायक होशियार सिंह, नालागढ़ से केएल ठाकुर और हमीरपुर से आशीष शर्मा ने 22 मार्च को विधायकी से इस्तीफा दिया था। इसके अगले दिन यानी 23 मार्च को भाजपा ज्वाइन की है। इन तीनों निर्दलीय सदस्यों का इस्तीफा अब तक स्वीकार नहीं किया गया। उधर, इनके इस्तीफे के लेकर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने स्पीकर के पास शिकायत की है और शंका जाहिर की कि 5 साल के लिए चुने गए विधायकों ने आखिर 15 महीने में ही क्यों इस्तीफा दिया। क्या इन पर कोई दबाव था।
मंत्रियों की शिकायत पर विधायकों को नोटिस जारी दो मंत्रियों की शिकायत के बाद स्पीकर ने तीनों निर्दलीय विधायकों को नोटिस जारी किया है। इन्हें इसका जवाब 10 अप्रैल तक देने को कहा गया है।
