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शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र राणा, कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय सचिव सुधीर शर्मा के साथ-साथ‌ रवि ठाकुर, इंद्रदत्त लखनपाल, देवेंद्र भुट्टो और चैतन्य शर्मा के साथ-साथ तीन निर्दलीयों आशीष शर्मा, केएल ठाकुर और होशियार सिंह भाजपा का दामन थामने के बाद शनिवार रात शिमला पहुंचे। इनके शिमला पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। पार्टी कार्यकर्ता ढोल नगाड़ों के साथ यहां पीटरहाफ में जुटे‌ थे। 

इस मौके पर आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सभी 9 नेताओं का भाजपा में स्वागत करते हुए कहा हिमाचल का यह बहुत महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि 70 साल में ऐसा पहली बार हुआ है जब सत्ताधारी दल के 6 और सरकार को समर्थन दे रहे तीन निर्दलीय विधायक विपक्षी दल की पार्टी में शामिल हुए। इस प्रकार का क्रम कभी भी प्रदेश में नहीं हुआ। 

उधर,‌ नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हम सभी विधायकों का भाजपा परिवार में स्वागत करते हैं‌ और इनके पार्टी में आने से पार्टी को बल मिला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार में घुटन का माहौल है और इस कारण सभी विधायक कांग्रेस पार्टी में खुश नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रतिशोध की राजनीति कर रही है और यह इस कांग्रेस के पतन का सबसे बड़ा कारण है।

मित्रों की सरकार है सुक्खू सरकार, फ्रेंड्स कैफे बना सचिवालय : सुधीर शर्मा

इस बीच, कांग्रेस के बागी पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस पार्टी का कोई विजन नहीं है। कांग्रेस सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करती है। सुधीर शर्मा ने कहा कि जब हम अपने लोगों से किए गए वादे पूरे नहीं कर पा रहे हैं तो विधायक होने का क्या मतलब है। इसलिए राज्यसभा चुनाव में हमने हर्ष महाजन को वोट दिया, जो हमारे राज्य से हैं। उन्होंने कहा कि आज हम सब अपनी मर्जी से भाजपा में शामिल हुए हैं। जब किसी व्यक्ति के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचे और आपकी बात सुनने वाला कोई न हो तो ऐसी जगह पर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने तंज कसा कि राज्य में कांग्रेस की सरकार नहीं, बल्कि मित्रों की सरकार है और राज्य सचिवालय लगता है जैसे फ्रेंड्स कैफे बन‌कर रह गया है। 

कांग्रेस सरकार प्रदेश के लोगों से की गई गारंटी पूरी नहीं कर रही – राणा 

इस बीच, राजेंद्र राणा ने कहा कि जब से राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी, उनकी सुनवाई नहीं हुई। सरकार की ओर से युवाओं को रोजगार देने सहित अन्य मुद्दों पर गौर नहीं किया गया। कांग्रेस सरकार प्रदेश के लोगों से की गई गारंटी पूरी नहीं कर रही है। राणा ने कहा कि हम लोगों के प्रति जवाबदेह हैं, लेकिन जब लोगों ने हमसे पूछा तो हमारे पास कोई जवाब नहीं था। उन्होंने कहा कि सीएम तानाशाह बन गए हैं और लोगों को अपमानित कर रहे हैं तथा विधायकों की सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार विधायकों के मुताबिक नहीं चल रही है, बल्कि सुखविंद्र सुक्खू और उनके सहयोगी चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार वेंटिलेटर पर है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति स्वाभिमान के साथ समझौता नहीं कर सकता। 

40 सालों तक बिना किसी स्वार्थ के कांग्रेस में रहकर सेवा की – रवि ठाकुर 

बागी हुए रवि ठाकुर ने कहा कि उन्होंने लाहौल-स्पीति की 40 सालों तक बिना किसी स्वार्थ के कांग्रेस में रहकर सेवा की। कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में हमेशा निष्ठा से जुड़ा रहा, लेकिन कांग्रेस सरकार में प्रताड़ना झेलनी पड़ी, मुझे असांविधानिक तरीके से विधानसभा से निलंबित भी किया गया। उन्होंने कहा कि जब-जब जनता के हक के लिए आवाज उठाई, हमेशा दबाने का प्रयास किया गया। लेकिन मैं हार नहीं मानूंगा और जनता के हक की लड़ाई के लिए आवाज़ उठाता रहूंगा। साथ ही बहुत जल्द लाहौल-स्पीति का दौरा भी करूंगा। रवि ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के कुल बजट का 90 फीसदी हिस्सा केंद्र से आता है। यही कारण है कि मैंने अपने निर्वाचन क्षेत्र लाहौल-स्पीति को ध्यान में रखते हुए हर्ष महाजन को वोट दिया। यह दुर्भाग्यपूर्ण था विधानसभा अध्यक्ष ने हमें बिना किसी कारण के निलंबित कर दिया। 

ये‌ कहा अन्यों ने 

कांग्रेस से बागी हुए इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि कांग्रेस की कार्यक्षमता चरमरा गई है। ना तो हाईकमान का कोई प्रभाव है और ना ही पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए कोई सम्मान बचा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के हित में यह फैसला लिया।

वहीं, चैतन्य शर्मा ने कहा कि वह सत्ता लाभ के लिए नहीं, आम जनता की सेवा के लिए राजनीति में आए हैं। उन्होंने कहा कि वह युवाओं, महिलाओं की मांग को प्रमुखता से उठते रहे हैं और अपने क्षेत्र के विकास के लिए वह तत्पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के लिए वोट करना उनका अपना मौलिक अधिकार है और अपने विवेक की आवाज सुनकर ही उन्होंने राज्यसभा के लिए वोट किया। 

निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने कहा कि इस वक्त हिमाचल प्रदेश के हालात बहुत खराब हैं। चाहे आर्थिक स्थिति हो या कानून व्यवस्था हो। हम निर्दलीय विधायक हैं और हमें राज्यसभा चुनाव में वोट देने का पूरा अधिकार था। उन्होंने कहा कि पिछले 15 महीनों में विकास कार्य पूरी तरह से रुके पड़े हैं और इसलिए हमने खुद ही यह (इस्तीफा देने और भाजपा में शामिल होने का) फैसला किया है। 

निर्दलीय आशीष शर्मा ने कहा कि हमने राज्य और विधानसभा क्षेत्र के हित में यह फैसला लिया है। जिस तरह से पीएम मोदी के नेतृत्व में यह देश आगे बढ़ रहा है, यह हमारा सौभाग्य है कि हमें भी यह मौका मिला है कि हम इसमें कुछ योगदान दें।

By admin

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