शिमला। हिमाचल से राज्यसभा के लिए वीरवार को कांग्रेस व भाजपा, दोनों दलों के उम्मीदवारों ने नामाकंन कर दिया है। सत्तारूढ़ दल कांगेस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी और भाजपा की तरफ से हर्ष महाजन ने पर्चा भरा है। हिमाचल की राज्यसभा की एक सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के कार्यकाल की समाप्ति पर खाली हो रही है। नड्डा का कार्यकाल दो अप्रैल में समाप्त हो रहा है।
कांग्रेस हाईकमान ने बुधवार को अभिषेक मनु सिंघवी का नाम फाइनल किया था। भाजपा ने इस पर अपने पत्ते नहीं खोले थे और वीरवार को भाजपा ने हर्ष महाजन को उनके खिलाफ उम्मीदवार घोषित किया। महाजन को उम्मीदवार बनाने से पहले भाजपा विधायक दल ने सुबह बैठक की और इसमें इस मामले पर खुलासा किया।
वीरवार पहले भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, पार्टी अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप और राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार के साथ नामांकन पत्र दाखिल किया।
उधर, कांग्रेस के प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी ने भी वीरवार को नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके साथ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के अलावा कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला और प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी उपस्थित रहीं। इन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा को अपना आवेदन सौंपा।
राज्यसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की अधिसूचना के अनुसार इसके लिए नामांकन की अंतिम तारीख 15 फरवरी थी। नामांकन पत्रों की छंटनी 16 फरवरी को होगी और उम्मीदवार के नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 20 फरवरी है, जबकि 27 फरवरी को मतदान होना है। इसके लिए विधानसभा परिसर में सुबह 9 से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी और उसी दिन शाम को परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। ऐसे में अब मामला रोचक हो गया है। बता दें कि हर्ष महाजन कांग्रेस से भाजपा में गए हैं। पिछले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हर्ष महाजन ने भाजपा का दामन थामा था और अब भाजपा ने उन्हें अपना राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया है।
हिमाचल से रहा है पुराना नाता – सिंघवी
नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि उनका हिमाचल से नाता रहा है। उनका यहां से कानूनी तौर पर वकील के रूप में और पारिवारिक तौर भी हिमाचल से उनके संबंध है। सिंघवी ने कहा कि हिमाचल से राज्यसभा के लिए भेजने का फैसला उनके लिए हर्ष और उल्लास भरा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल छोटा जरूर है, लेकिन यहां के लोगों का दिल बड़ा है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल में सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार सकारात्मक काम कर रही है और राज्यसभा के लिए चयनित होकर इसी दिशा व गति के साथ में वह इसमें अपना योगदान देंगे। उन्होंने हिमाचल से राज्यसभा के लिए भेजने के फैसले पर कांग्रेस नेतृत्व का आभार जताया। चुनावी बांड रद्द करने के सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों को लेकर पूछे जाने पर सिंघवी ने कहा कि भाजपा को इससे फायदा हो रहा था। उन्होंने कहा कि बेशक अदालत का यह फैसला देरी से आया है, मगर सही दिशा में है। बता दें कि 68 सदस्यों वाली हिमाचल विधानसभा में कांग्रेस के 40 सदस्य हैं। भाजपा के 25 तथा 3 विधायक निर्दलीय हैं। संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस का पलड़ा भारी है। ऐसे में चुनावी ऊंट किस करवट बैठता है यह समय के अंतराल में छिपा है।
अभिषेक मनु सिंघवी का राज्यसभा के लिए चयनित होना तय – सीएम
उधर, भाजपा के हर्ष महाजन को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह केवल प्रतीकात्मक चुनावी जंग है। बीते सालों में भी विधानसभा में बहुमत न होने के बावजूद कांग्रेस भी राज्यसभा के लिए उम्मीदवार उतारती रही है। विधायकों की नाराजगी को लेकर विपक्ष के आरोपों को लेकर पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यसभा चुनाव का नतीजा इन आरोपों का उत्तर होगा। सुक्खू ने राज्यसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी की जीत का दावा किया।
चुनाव जीतने के लिए चुनाव में – हर्ष
नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद हर्ष महाजन ने कहा कि उनके लिए कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं है। वे यहां चुनाव जीतने के लिए मैदान में उतरे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में घुटन महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायकों को अपनी अंतरात्मा की आवाज पर मत का इस्तेमाल करना चाहिए।
उधर, हर्ष महाजन के भाजपा उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल करने के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि किसी भी चुनाव में उम्मीदवार उतारना राजनीतिक दल का विशेषाधिकार है। उन्होंने कहा कि भाजपा बगैर होम वर्क के किसी भी चुनाव को नहीं लड़ती है।
