शिमला। भाजपा के प्रदेश महामन्त्री एवं हिमाचल प्रदेश वूल फैडरेशन के नवनियुक्त अध्यक्ष त्रिलोक कपूर ने कहा है कि जमानती कांग्रेस 2022 में सत्ता में आने का सपना तो छोड़े, वह 2027 में भी कहीं नहीं टिक पायेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बहुत बड़ी गलतफहमी में है और उसका यह भ्रम 2022 में टूट जाएगा। वे सोमवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे।
भाजपा नेता ने कहा कि ईमानदार सुशासन के कारण ही हिमाचल प्रदेश की जनता ने लोकसभा चुनाव में चारों सीटों पर व पच्छाद और धर्मशाला में उप चुनाव पर जमानत जब्त करवाकर कांग्रेस को अपनी असली जमीन दिखा दी थी। उन्होंने कहा कि जिस तरह गुजरात, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों में भाजपा लगातार 15 वर्षों से भी ज्यादा समय तक जनता की सेवा करती रही है, उसी तर्ज पर हिमाचल प्रदेश भी 2022 ही नहींं, बल्कि 2027 में भी जनता का आशीर्वाद भाजपा को मिले, इस विश्वास के दृष्टिगत जयराम सरकार एक मजबूत योजना के रूप में काम कर रही है।
कपूर ने कहा कि वीरभद्र सिंह के शासन में मुख्यमंत्री की शपथ के तुरंत बाद 9 सीपीएस और 41 निगमों और बोर्डो में चेयरमैनों की विशाल रेजीमेंट की स्थापना करने वाली कांग्रेस पार्टी केे नेताओं की लगता है यादाश्त पूरी तरह समाप्त हो गई है। भाजपा नेता ने कांग्रेस द्वारा निगमों और बोर्डों के चेयरमैन बनाए जाने पर आलोचना को लेकर चुटकी लेते हुए कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी के नेताओं के ऐसे ही बेहुदा व तर्कहीन बयान छपते रहे तो आगे ऐसा भी समय आयेगा कि प्रदेश की जनता उनकी बातों और बयानों को सुनना और पढ़़ना बिल्कुल बन्द कर देगी।
भेड़ पालन व्यवसाय को बचाना सबसे बड़ी चुनौती
त्रिलोक कपूर ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, प्रेमकुमार धूमल, सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज और पशु पालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर का प्रदेश के भेड़ पालकों की सेवा करने का अवसर देने पर विशेष रूप से आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि भेड़ पालन व्यवसाय को बचाना मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। इस विभाग के साथ उनका बड़ा गहरा सम्बन्ध है और अनुभव भी है जो पिछले कार्यकाल में कुछ करना रह गया था उसे पूर्ण करने का प्रयास किया जाएगा। कपूर ने कहा कि वन व पशु पालन विभाग का भेड़ पालन व्यवसाय से सीधा-सीधा संबंध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के विशेष आशीर्वाद से व पशु पालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर और वन मंत्री राकेश पठानिया के सहयोग से भेड़ पालकों के विकास के लिए पूर्ण रूप से प्रयासरत रहेंगे।
