शिमला। प्रदेश के नव नियुक्त कैबिनेट मंत्री यादविंद्र गोमा ने शनिवार को राज्य सचिवालय में अपना पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने पर उनको पार्टी नेताओं सहित अधिकारियों और कर्मचारियों ने बधाई दी। इस मौके पर यादविंद्र गोमा ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि एक और मंत्री बनाकर कांगड़ा जिला को पूरा प्रतिनिधत्व सरकार में मिल गया है और अब जिले को प्रतिनिधत्व में कोई कमी नहीं है।
गोमा ने कहा कि भजपा कांगड़ा जिला को सरकार में प्रतिनिधित्व न देने की बात कर लोगों को गुमराह करने का काम कर रही है, जबकि कांगड़ा को सरकार में पहले से ही काफी जगह मिली हुई है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है और यहां 15 में से 10 सीटें कांग्रेस की हैं। कांगड़ा जिला को पहले एक कैबिनेट मंत्री दिया गया था। इसके अलावा दो सीपीएस और तीन चेयरमैन पहले से हैं। इनमें दो चेयरमैन आरएस बाली और गोकुल बुटेल को कैबिनेट रैंक दिया गया है। अब एक और मंत्री बनाने के साथ ही जिले में दो कैबिनेट मंत्री हो गए हैं और कांगड़ा का सरकार में कोटा पूरा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कांगड़ा को प्रतिनिधित्व देकर पूरा तालमेल बिठाया है। इस तरह सरकार में जिला को कोई कमी अब नहीं है।
गोमा ने कहा कि कैबिनेट में एक मंत्री का पद खाली है और मुख्यमंत्री कह चुके हैं कि आने वाले समय में लोकसभा चुनाव से पहले खाली पद को भी भर दिया जाएगा। यादविंद्र गोमा ने अपनी नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और पार्टी हाईकमान का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने व्यवस्था परिवर्तन का जो नारा दिया है, वह इस दिशा में काम करेंगे। विभागों के बंटवारे के सवाल पर गोमा ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री उनसे उनके मनपसंद विभाग के बारे में पूछेंगे तो वे जरूर बताएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और हाईकमान की ओर से जो भी विभाग उनको दिया जाएगा, वह उस पर शत प्रतिशत खरा उतरने की कोशिश करेंगे।
गोमा ने अपने दिल्ली दौरे के बारे में कहा कि संसद को चलने के कारण वे पार्टी नेता राहुल गांधी से नहीं मिल पाए। वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव केसी वेणुगोपाल, मुकुल वासनिक और पार्टी प्रभारी राजीव शुक्ला से मिले हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर निर्देश दिए हैं जिन पर अमल किया जाएगा ताकि पार्टी की इन चुनावों में जीत सुनिश्चित की जा सके।
