बोले – सरकार ने 12 महीने में लिए 12 जन विरोधी निर्णय
शिमला। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं मीडिया विभाग के प्रभारी रणधीर शर्मा ने कहा है कि एक साल विफलता और इंतजार का साल रहा है। वर्तमान कांग्रेस सरकार का एक साल निराशाजनक रहा और इस एक साल में जनता को अनेकों विफलताएं देखने को मिली हैं। उन्होंने कहा कि इस सरकार में प्रत्येक वर्ग ने केवल मात्र इंतजार करने का कार्य किया महिलाओं ने प्रति माह 1500 रुपए, युवाओं ने नौकरियों का, किसान-बागबानों ने फसल के दाम तय करने का और गोबर व दूध खरीद का इंतजार किया। यहां तक कि मंत्रियों ने लंबे समय तक अपने मंत्री पदों का भी इंतजार किया।
शर्मा ने बुधवार को यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार ने मंत्रियों की नियुक्ति में देरी की है और अब बाकी नियुक्तियों में विलंभ हो रहा है। वर्तमान कांग्रेस सरकार को 2 मंत्री बनाने में एक साल का समय लग गया। इसके बाद भी एक मंत्री पद खाली है। इस एक पद खाली रहने से कई नेताओं की धड़कन बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में चेयरमैनों की नियुक्तियों पर भी लंबे इंतजार का संकेत मिल रहा है।
रणधीर शर्मा ने कहा 12 महीने में 12 जन विरोधी निर्णय इस सरकार ने लिए हैं। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने 12 महीने में हर महीने एक जन विरोधी निर्णय लिया है। इनमें डीजल महंगा करना, अनाज महंगा, मंदिरों पर टैक्स, आउटसोर्स नौकरियों के लोगों को निकालना और अनेकों प्रकार के निर्णय लिए है, जिससे जनता को परेशानी हुई।
उन्होंने कहा कि सरकार का एक साल संवेदनहीन सरकार का रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का एक वर्ष का जश्न जनता की भावनाओं पर कराघात है। एक साल में ऐसा इस सरकार ने कुछ भी काम नहीं किया, जिससे उनको जश्न मनाने का अधिकार मिले, लेकिन आपदा के समय में ये लोग अपनी जनता का ख्याल भी नहीं रख सके और उसके बावजूद जश्न मनाया गया। इससे जनता की भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय अभी तक ऐसे लोगों को जमीन तक नहीं प्राप्त हुई, जिन्होंने अपनी जमीन खो दी थी।
रैली के लिए सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग
रणधीर शर्मा ने कहा कि सरकार ने अपनी रैली को सफल बनाने के लिए सरकारी मशीनरी का जम कर दुरुपयोग किया। भीड़ जुटाने के लिए एचआरटीसी और विभिन्न विभागों का दुरुपयोग किया गया। यहां तक कि सरकारी कर्मचारियों का भी उपयोग किया गया। परंतु रैली में भीड़ तो जुटी नहीं, पर उनके वरिष्ठ नेता सरकारी रैली से गायब रहे। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी रैली में क्यों नहीं आई, यह आज भी एक बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि रैली के दौरान कांग्रेस पार्टी में खेमेबाजी भी जमकर दिखाई दी।
