शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार के 11 दिसंबर को धर्मशाला में प्रस्तावित समारोह से पहले भाजपा ने निशाना साधा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि सरकार ने एक साल में जश्न मनाने लायक कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार आपदा का जश्न मना रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का एक साल का कार्यकाल पूरा होने के मौके पर 11 दिसंबर को भाजपा समूचे प्रदेश में आक्रोश दिवस मनाएगी। वहीं, मंडी में 12 व कांगड़ा में 18 दिसंबर को आक्रोश दिवस मनाया जाएगा। वे शनिवार को यहां पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में लोगों को 10 गारंटियां दी थी। इनमें प्रदेश की 22 लाख महिलाओं को हर माह डेढ़ हजार रुपए देने तथा हर साल एक लाख सरकारी नौकरियां देने की गारंटी कांग्रेस की थी। मगर आरटीआई में मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक प्रदेश की किसी भी महिला को डेढ़ हजार रुपए मासिक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि एक लाख नौकरियों की गारंटियों के विपरीत सरकार ने हजारों युवाओं को नौकरी से निकाला है। जनहित में खोले गए डेढ़ हजार के करीब संस्थानों को सरकार ने बंद किया है। सरकार के इन फैसलों से लोगों में रोष है। उन्होंने कहा कि गारंटियां पूरी करने के बजाय सरकार जश्न मना रही है। प्रदेश के लोग अभी आपदा से पूरी तरह से उभर नहीं पाए हैं। लिहाजा कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा 11 दिसंबर को आक्रोश दिवस जिला स्तर पर मनाएगी।
उधर, एक सवाल के जवाब में डॉ. बिंदल ने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। प्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार के वक्त क्रशरों के मुद्दे में भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बजाय उन्हें जांच करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आपदा के वक्त सरकार ने क्रशरों को बंद किया। इसके बाद कुछ को खोल दिया। जिन क्रशरों को खोला गया वह किसके हैं, सभी को मालूम है। क्रशर बंद होने से लोगों को निर्माण सामग्री महंगी दरों पर मिली। प्रदेश सरकार को 45 करोड़ का नुकसान हुआ। इसका जिम्मेवार कौन है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि झारंखड में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद के पास अब तक 210 करोड़ से अधिक की नगदी बरामद हो चुकी है। सांसद धीरज प्रसाद साहू के ठिकानों पर 6 दिसंबर को आयकर विभाग ने छापे मारे। बीते 3 दिनों से नगदी गिनने का काम जारी है। झारखंड के अलावा ओडीशा व अन्य राज्यों में भी उनके ठिकानों पर अकूत संपत्ति मिलने का अंदेशा है, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व इस मामले में खामोश है। उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से इस मामले में खामोशी को तोड़ कर लोगों को यह बताने का आग्रह किया कि यह संपत्ति कहां से आई? धीरज प्रसाद साहू के ठिकानों से मिली नगदी का कहां इस्तेमाल होना था? उन्होंने इतनी नगदी घरों में छिपा कर क्यों रखी थी?
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस भ्रष्टाचारियों को राजनीतिक संरक्षण प्रदान कर उनका कद बढ़ाने का प्रयास करती रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक संरक्षण के चलते ही कांग्रेस ने साहू को 3 बार सांसद बनाया। उन्होंने कहा कि सांसद बनने के बाद उनकी विशिष्ट पहचान बनी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जहां भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, वहीं कांग्रेस साहू के मामले में खामोश है।
