मंडी। भाजपा ने आरोप लगाया है कि मंडी के प्रति कांग्रेस प्रतिशोधात्मक राजनीति कर रही है। उसने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने जो मंडी संसदीय क्षेत्र को दिया, वो कांग्रेस सरकार ने वापस ले लिया। वहीं, अभी तक कांग्रेस सरकार ने मंडी जिला को एक फूटी कौड़ी नही दी है।
भाजपा विधायक राकेश जम्वाल, दलीप ठाकुर व भाजपा प्रदेश सचिव विनोद कुमार ने मंगलवार को कहा कि जो पैसा जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री रहते मंडी संसदीय क्षेत्र को भेजा था, जिससे मंडी एक बड़ी पर्यटक स्थली बन सकता था, वो भी कांग्रेस सरकार ने किसी और जिले में भेज दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मंडी आए और 31 करोड़ रुपए की राशि मंडी वासियों को दी, पर वे एक बात स्पष्ट करना चाहेंगे कि यह 31 करोड़ की राशि केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए पैसे में से दी गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने हिमाचल को 1200 करोड़ रुपए दिए हैं और मुख्यमंत्री इसी राशि को वितरित कर हीरो बन रहे हैं।
भाजपा नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री का मंडी से बदला यहीं नहीं रुकता,कांग्रेस नेताओं ने मंडी विश्वविद्यालय और मंडी कॉलेज को थर्ड ग्रेड बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार अपनी कार्यशैली को लेकर चौतरफा घिर रही है। उन्होंने कहा कि आज तक आपदा से हुए नुकसान का आंकलन करने में फेल हुई मौजूदा सरकार यह नहीं देख पा रही कि प्रदेश में यदि बारिश में नुकसान हुआ तो कुल्लू, मंडी, शिमला आदि क्षेत्रों में सर्वाधिक हुआ है। परंतु अनुभवहीन सरकार अभी भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान के अनुसार पैसा बांटने के बजाए हवा हवाई कार्य कर रही है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकार जितना दिखावा कर तम्बू लगा कर चैक वितरित कर रही, उस खर्चे को भी यदि प्रशासन के माध्यम से सीधा प्रभावितों तक भेजा जाता तो कई लोगों को और राहत राशि मिल सकती थी। भाजपा का सीधा आरोप है कि प्रदेश सरकार केंद्र से आए पैसों को सही तरह से खर्च करने की बजाए अपने आयोजनों पर खर्च कर रही है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार जब से सत्ता में आई है, तब से शिक्षण संस्थानों को बंद करने के लिए व्यवस्था परिवर्तन का काम कर रही है। अब तक प्रदेश सरकार ने एक हजार से ज्यादा शिक्षण संस्थान बन्द कर दिए हैं। इसके अलावा प्रदेश की दूसरे सरदार पटेल विश्वविद्यालय का दायरा कम कर इस यूनिवर्सिटी को डी ग्रेड का दर्जा दे दिया। उन्होंने सुक्खू सरकार से पूछा कि आज तक उन्होंने मंडी को क्या दिया, उल्टा जो विकास जयराम सरकार द्वारा किया गया था उसे भी बंद करवा दिया गया। उन्होंने पूछा कि कहीं मंडी से सरकार में एक मात्र विधायक होने की सजा मंडी को तो नहीं दी जा रही।
