शिमला। हिमाचल प्रदेश भाजपा ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता बलबीर वर्मा, चेतन बरागटा और संदीपनी भारद्वाज ने आरोप लगाया कि मात्र 0.9 प्रतिशत के वोट मार्जन से सत्ता पर इतराने वाली कांग्रेस सरकार आज सभी मोर्चों पर विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि जिस वर्ग ने इस वोट प्रतिशत को बढ़ाने का काम किया था, वही श्रेणी आज खुद को ठगा सा महसूस कर रही है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश में सत्ता पर काबिज हुई कांग्रेस सरकार ने जहां गौ पालकों से गोबर खरीदने का झांसा दिया था, वहीं परिवार की प्रत्येक महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह देने का झूठा स्वांग रचा था। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण व राज्य कैडर में सम्मिलित करने का शिगूफा और पेंशनधारकों को पेंशन योजनाओं के लाभ प्रदान करने की झूठी गारण्टी देना किसी संवेदनहीनता से कम नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि दस महीने के कांग्रेस राज में प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपल्बध ना करवा पाना सबसे बड़ी ठगी है। दुग्ध उत्पादकों, बागवानों को झूठे सब्जबाग दिखाकर सत्तासीन हुई कांग्रेस ने विकास का प्रकाश कम, बल्कि, झूठ का इतिहास लिखने में कामयाब हुई है। उन्होंने कहा कि झूठी और लोभी कांग्रेस सरकार ने सत्ता हथियाने के लिए किसी न किसी रूप में झूठ को हर जगह बयानों, दीवारों और नारों में भी प्रदर्शित किया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कथित झूठ से आज प्रदेश की भोली-भाली जनता का भरोसा टूटता जा रहा और लोग परेशान हैं।
विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता बलबीर वर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के मुखिया को सोच समझ कर बयानबाजी करनी चाहिए। अगर स्पष्ट रूप में देखा जाए तो कांग्रेस की सरकार और उनके नेता हैं, जिन्होंने हिमाचल की भोली भाली जनता को झूठ बोल कर सत्ता हासिल की।
वहीं, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से पूछना चाहते हैं कि युवाओं का 5 लाख रोजगार कहां गया ? मुख्यमंत्री ने तो पहली कैबिनेट में एक लाख नौकरियां देने का वादा किया था। उन्होंने यह सवाल भी किया कि हिमाचल प्रदेश की 22 लाख महिलाओं के 1500 रुपए प्रति महीना कहां है, जो एक साल में 18000 रुपए होते हैं। उन्होंने पूछा कि 20 लाख बिजली उपभोक्ताओं के 300 यूनिट फ्री कहां है।
भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने बागवानों को कहा था कि वे अपनी फसल की कीमत खुद तय करेंगे यह है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। वहीं, पशुपालकों से 10 लीटर दूध खरीदने की आपने बात कही थी और गोबर खरीदने का वादा किया था। ये सभी वादे अब गायब ही हो गए हैं।
