शिमला। प्रदेश कांग्रेस महासचिव देवेन्द्र बुशैहरी ने सांसद सुरेश कश्यप को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए केंद्रीय सहायता को हर संभव प्रयास कर रही है। बावजूद इसके भाजपा इसमें कोई भी सहयोग नही कर रही हैं। उन्होंने कहा है कि प्रतिभा सिंह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व गिरिराज सिंह से मिल कर आपदा से हुए नुकसान में मदद की गुहार लगा चुकी हैं।
देवेन्द्र बुशैहरी ने प्रतिभा सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश के सभी भाजपा सांसदों को पत्र लिखकर जो पहल की है वह बहुत ही सराहनीय है और भाजपा के सभी सांसदों को इसमें पूरा सहयोग करना चाहिए। बुशैहरी ने कश्यप को प्रतिभा सिंह पर दिए उनके बयान की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें अपना चश्मा बदल लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऊलजलूल बयानबाजी से उन्हें कुछ हासिल होने वाला नहीं। प्रतिभा सिंह को उनसे किसी भी प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं। उन्होंने कहा कि प्रतिभा सिंह अपने संसदीय क्षेत्र मण्डी का व्यापक दौरा कर चुकी हैं। अभी पिछले कल ही उन्होंने रामपुर, आनी, करसोग के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है जबकि इससे पूर्व मण्डी, सुंदरनगर, द्रंग, नाचन, सरकाघाट का विस्तृत दौरा कर प्रभावित लोगों से मिलकर अधिकारियों से पुनर्निर्माण व राहत कार्यो की समीक्षा बैठके भी कर चुकी हैं।
देवेन्द्र बुशैहरी ने कहा कि सुरेश कश्यप यह बताएं कि उन्होंने इस आपदा से निपटने के लिये केंद्र के किस नेता से अभी तक मदद मांगी। बुशैहरी ने कहा कि उन्हें यह भी बताना चाहिए कि उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र शिमला में भूस्खलन से प्रभावित कितने क्षेत्रों का दौरा किया। उन्हें यह भी बताना चाहिए कि कालका शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग को दुरस्त करने के लिये उन्होंने केंद्र सरकार या राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से कितनी बार बातचीत की।
बुशैहरी ने कश्यप पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र में भूस्खलन से प्रभावित लोगों को राहत व पुनर्वास कार्यों की चिंता करनी चाहिए,न की मंडी संसदीय क्षेत्र की। उन्होंने कहा है कि सुरेश कश्यप को अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल का लेखा जोखा भी लोगों को देना चाहिए कि उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में क्या उपलब्धि हासिल की। पूर्व में डबल इंजन का दावा करने वाली भाजपा के दोनों इंजन बुरी तरह फेल हुए है, इसलिए प्रदेश में लोगों ने भाजपा को सत्ता से बाहर किया।
