Spread the love
शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सोमवार को ‘मेरी माटी मेरा देश’ कार्यक्रम के तहत देश भर से मिट्टी एकत्रित करने के चलाई जा रही अमृत कलश यात्रा में भाग लिया। शिमला शहरी विधानसभा के जाख़ू वार्ड स्थित जोधा निवास के आस-पास से उन्होंने दिल्ली में बनाई जाने वाली ‘अमृत वाटिका’ के लिए मिट्टी एकत्र की। अमृत कलश यात्रा में जयराम ठाकुर अश्वनी मनोचा, अशोक मनोचा, अनिला कश्यप सूद, वीना भाटिया, नंदन चोपड़ा, केवल कृष्ण सचदेवा के यहां से अमृत कलश में मिट्टी एकत्र की।
इस मौक़े पर उनके साथ मंडल अध्यक्ष सुनील धर, डॉ सपना कश्यप, प्रत्याशी संजय सूद, गणेश दत्त, किमी सूद, अनूप वैद, अजय सरना, बिट्टू पाना, गगन लखनपाल, श्रवण शर्मा, पिंकी गोयल, विजय चौहान, गोपाल सूद, राजन अग्रवाल, शैली शर्मा, दीपक, शुभ महाजन आदि पदाधिकारी व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश के कोने-कोने से एकत्र की हुई मिट्टी को देश की राजधानी में बनने वाली अमृत वाटिका में इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के अमर बलिदानियों को सच्ची श्रद्धांजलि देने का इससे अच्छा तरीक़ा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि देश के बलिदान देने वालों को श्रद्धांजलि देना हमारा फ़र्ज़ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के महान विभूतियों को हमेशा सर्वोच्च सम्मान दिया है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि देश की अखंडता के सबसे बड़े प्रतीक, भारत के एकीकरण के सबसे बड़े नायक लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के कोने-कोने से लोहा एकत्र करके ‘स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी’ का निर्माण किया गया। भारत के एकीकरण के लिए संघर्ष करने वाले लौह पुरुष सरदार पटेल की यह मूर्ति दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति है। इसी तरह देश के अमर बलिदानियों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘राष्ट्रीय समर स्मारक’ का निर्माण करवाकर देश के 25 हज़ार से ज़्यादा अमर बलिदानियों को समर्पित किया।
कांग्रेस सरकार संस्थान खोलने के बजाय बंद करने पर लगी – जयराम ठाकुर
इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर भी निशाना साधा। सरदार पटेल मंडी विश्वविद्यालय पर पूछे गये सवाल के जवाब में जयराम ठाकुर ने कहा कि वह सभी देवी-देवताओं से मुख्यमंत्री को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना करते हैं। उन्होंने कहा कि जो विश्वविद्यालय डेढ़ साल से कार्यरत है, उसे कॉलेज कह रहे हैं। 25 करोड़ की लागत से उन्होंने भवन का निर्माण करवाया। इसके अलावा अन्य आवश्यक संसाधनों का प्रबंध किया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरदार पटेल विश्वविद्यालय में कोई पूर्णकालिक कुलपति नहीं है। वहां कार्यरत लोगों के वेतन के लिए समय से फंड नहीं उपलब्ध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नौ महीने का समय बीत गया है और सरकार संस्थान खोलने के बजाय बंद करने पर लगी है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र से सहयोग की लिये वे तीन बार दिल्ली गए। प्रधानमंत्री, गृहमंत्री को पत्र लिखकर आभार भी जताया तथा और ज़्यादा सहयोग की मांग की। उन्होंने कहा कि यह काम मुख्यमंत्री को करना चाहिए था, लेकिन मुख्यमंत्री और सरकार में बैठे लोग किस भाषा में बात कर रहे हैं, यह सब जानते हैं।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *