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ऊना। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने जिला ऊना में हुई भारी वर्षा, बाढ़ व भूस्खलन के कारण हुए नुक्सान का जायजा लेने के लिए गगरेट विधानसभा क्षेत्र के तहत मरवाड़ी गांव के आपदा ग्रस्त क्षेत्र जोह-सधानी का निरीक्षण किया और लोगों की समस्याएं सुनी। उन्होंने कहा कि जोह-सधानी कौज-वे (पक्की सड़क) क्षतिग्रस्त होने से लगभग 11 गांवों के लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि नाबार्ड के अंतर्गत जोह संधानी पुल का निर्माण किया जाएगा लेकिन जब तक पुल का निर्माण नहीं होता तब तक बैली ब्रिज का निर्माण किया जाएगा ताकि स्थानीय लोगों को शीघ्र सुविधा मिल सके। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को नाबार्ड के तहत पुल निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके उपरांत उन्होने डीआरडीए हॉल में जिला में भारी बारिश के कारण हुए नुकसान को लेकर पुनः विकास कार्यों को बहाल करने की स्थिति को लेकर समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाढ़ व भूस्खलन से प्रभावित पीड़ितों को राहत प्रदान करने और उनके पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार तीव्रता से काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में मुख्यमंत्री प्रदेश के लोगों के साथ खडे़ हैं। मुख्यमंत्री प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्वयं जाकर राहत व पुनर्वास कार्यों का जायजा ले रहे हैं तथा प्रभावितों का दुख-दर्द भी सुन रहे हैं और प्रथामिकता के आधार पर राहत कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऊना जिला में आपदा के दौरान हुए नुक्सान को पुनः बहाल करने के लिए प्रशासन तथा सभी विभागों ने आपसी तालमेल से तीव्रता के साथ कार्य करके प्रभावितों को राहत पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार राजनीति से ऊपर उठकर लोगों को स्वयं के संसाधनों के माध्यम से राहत जुटाने का कार्य कर रही हैं।
उन्होंने आपदा के दौरान जिला प्रशासन द्वारा सड़क, बिजली व पानी की सुविधा को तुरंत बहाल करने के लिए उठाए गए विशेष कदमों तथा पीड़ितों के लिए चलाए गए राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन आपस में क्षेत्र से संबंधित विषयों पर चर्चा करें तथा समस्याओं का शीघ्र निदान करने का प्रयास करें ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की दुविधा का सामना न करना पडे।
जिला को 226.04 करोड़ रुपये का हुआ नुकसानः
विभाग कुल नुकसान
राजस्व विभाग 3.86 करोड़,
लोक निर्माण विभाग ऊना 67.25 करोड़,
एनएचए 2.23 करोड़,
जल शक्ति विभाग ऊना 86.99 करोड़,
स्वां नदी बाढ़ प्रबंधन सर्कल ऊना 9.45 करोड़,
बिजली विभाग 24.23 करोड़,
स्वास्थ्य विभाग 13.23 करोड़,
शिक्षा विभाग 1.38 करोड़,
कृषि विभाग 5.25 करोड़,
बागवानी विभाग 4.90 लाख,
ग्रामीण विकास 10.54 करोड़,
स्थानीय शहरी निकायों 1.55 करोड़
इस अवसर पर उपायुक्त ने बताया कि आपदा के दौरान पीड़ितों को तुरंत सहायता मुहैया करवाई गई है। राहत पुनर्वास कार्यों के लिए जो भी धनराशि उपलब्ध करवाई गई थी उसको संबंधित उपमंडलाधिकारियों (ना) के माध्यम से वितरित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत 38.30 करोड़ रूपये 4,138 कार्यों के लिए स्वीकृत किए थे जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जा रहा है।
इस मौके पर गगरेट विधायक चैतन्य शर्मा, चिंतपूर्णी विधायक सुदर्शन बबलू, कुटलैहड़ विधायक देवेंद्र भुट्टो, जिला कांग्रेस प्रधान रणजीत राणा, मंडलाध्यक्ष विनोद बिट्टू, एडीसी महेंद्र पाल गुर्जर, एएसपी संजीव भाटिया के अतिरिक्त संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

By admin

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