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शिमला। शिमला शहर के विधायक हरीश जनारथा ने कहा कि भारी बारिश से पानी की परियोजनाओं को शिमला में 40 करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं नगर निगम शिमला के दायरे में 35 करोड़ का नुकसान भारी बारिश की वजह से हुआ है। उन्होंने कहा कि अब शहर में हालत सामान्य हो रहे हैं, जिसके बाद 41 से 42 एमएलडी पानी आ रहा है और पानी की सप्लाई सुचारू कर दी गई है। फिलहाल शहर वासियों को तीसरे दिन पानी दिया जा रहा है।

जनारथा ने कहा कि सतलुज से शिमला के लिए पानी की स्कीम को पूरा करने का लक्ष्य मई 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा, जिससे शहर में पानी की कमी नहीं रहेगी। साथ ही शिमला में 40 पानी के स्टोरेज टैंक बनाने का कार्य प्रगति पर है, जिसमें 2 टैंको का निर्माण भी शामिल है। पहला ढली में 10 एमएलडी क्षमता का टैंक व दूसरा पीटरहाॅफ के नजदीक 7 एमएलडी क्षमता के बडे टैंकों का निमार्ण होना है। इससे शहर वासियों को सप्ताह के प्रत्येक दिन पानी की सप्लाई को देना सुनिश्चित किया जाएगा।

हरीश जनारथा ने कहा कि शिमला शहर के विकास कार्यों में गति दी जा रही है और शहर के तारों को अंडर ग्राउंड करने के लिए मुख्यमंत्री ने 50 करोड़ रूपए की मजूरी दे दी है, जिसके लिए डीपीआर बनाई जा रही है। शहर में स्मार्ट सिटी के तहत 53 पार्किंग बना ली है, जिनमें लगभग 700 गाड़ियों को पार्क करने की व्यवस्था होगी। अन्य पार्किंग को पीपीई मोड में बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के समय स्मार्ट के कार्यों में बड़े स्तर पर कुप्रबंधन हुआ है, जो जांच का विषय है तथा स्मार्ट सिटी में हुई अनियमितताओं की प्रदेश सरकार जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि ढली टनल को 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन जनता को समर्पित किया जाएगा। सेब सीजन प्रभावित न हो, इसके लिए प्राथमिकता के आधार पर सड़कों को खोलने का कार्य किया जा रहा है। शिमला शहर में आवारा कुत्तों के आतंक को कम करने के लिए भी सरकार प्रयासरत है।

By admin

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