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शिमला। संयुक्त किसान मंच ने कहा है कि सरकार ने जबसे प्रदेश की मंडियों मे कानून लागू करने के आदेश पारित किए हैं तबसे ही कुछ आढ़ती, खरीददार व लदानी की मिलीभगत व मनमानी से प्रदेश की मंडियों में सभी कानूनों की उलंघना के प्रयास किए जा रहे हैं। मंच का कहना है कि इनकी इस गैर कानूनी व गैर जिम्मेदाराना कार्यशैली से इस विकट आपदा के समय में किसानों-बागवानों को परेशान किया जा रहा है।
मंच के संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान ने कहा कि सरकार तुरन्त ऐसे आढ़तियों व खरीददारों पर कार्रवाई कर इनके लाईसेंस रद्द करे, जो कानूनों की अवहेलना कर रहे है। उन्होंने कहा कि मात्र उन्हीं लोगों को मंडियों में कारोबार की इज़ाजत दी जाए जो सरकार द्वारा कानूनों के तहत जारी आदेशों के अनुसार ही कारोबार करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मंडियों में कानून की अवहेलना की इज़ाजत नहीं दी जा सकती है और लदानियों व खरीददारों द्वारा अचानक इस प्रकार की गई हड़ताल गैर कानूनी व किसान-बागवान विरोधी कदम है।
मंच के नेताओं ने कहा कि सरकार सभी आढ़तियों के साथ-साथ सभी खरीददारों, लदानी व कारोबारियों का पंजीकरण APMC Act, 2005 की धारा 40 के तहत करे। इसके साथ ही APMC Act, 2005 की धारा 39 (2) की उपधारा xxii के तहत खरीददार, लदानी व कारोबारी से बैंक गारंटी ली जाए तथा इनकी कारोबार क्षमता के अनुसार ही कारोबार करने की इजाज़त दी जाए। उन्होंने कहा कि बागवानों का भुगतान भी APMC Act, 2005 की धारा 39 (2) की उपधारा xix के तहत, जिस दिन माल बिके, उसी दिन भुगतान के प्रावधान को तुरन्त प्रभाव से लागू किया जाए ताकि बागवानों की मंडियों में हो रही लूट पर रोक लगाई जा सके।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों व बागवानों के हित में मंडियों में कानून लागू करने के लिए ठोस कदम उठाए और जो भी इन कानूनों की अवहेलना करता है उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करे ताकि मंडियों में किसानों व बागवानों के शोषण व लूट पर रोक लगाई जा सके।

By admin

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