शिमला। संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान ने कहा है कि सरकार द्वारा सेब के लिए मण्डी मध्यस्थता योजना के तहत C ग्रेड के सेब के लिए जो 11 रुपए प्रति किलो दाम तय किया है वह नाकाफी है। क्योंकि भारी बरसात के चलते किसान बागवान को भारी नुकसान हुआ है, उसको देखते हुए सरकार को मण्डी मध्यस्थता योजना के माध्यम से प्रभावी रूप से हस्तक्षेप करते हुए सेब के A ग्रेड का 80 रुपए/ किलो, B ग्रेड का 60 रुपए/ किलो और C ग्रेड के सेब का 30 रुपए/ किलो दाम तय किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार सड़कों की दशा को ध्यान में रखते हुए बागवानों से सेब की खरीद उनके गावों के स्तर पर ही करे।
किसान नेताओं ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जो मण्डी मध्यस्थता योजना के बजट में कटौती की गई है, उस पर तुरन्त पुनर्विचार कर इसे देश में मांग के अनुरूप बढ़ाया जाना चाहिए ताकि किसानों व बागवानों को इस विपदा के समय में कुछ राहत मिल सके। उन्होंने मांग की कि सरकार बागवानों का पिछले वर्षों में मण्डी मध्यस्थता योजना के तहत लिए गए सेब का बकाया भुगतान तुरन्त करे। साथ ही सरकार, प्रदेश के सभी सेब उत्पादक क्षेत्रों में तुरन्त खरीद केंद्रों को खोल कर खरीद आरंभ करे।
