शिमला। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि व्यवस्था परिवर्तन के नारा देने वाली सरकार में हर तरफ अव्यवस्था का आलम है। मंत्री कुछ कहते हैं, मुख्यमंत्री कुछ और अधिकारी कुछ और, जिससे असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। नतीजतन बाढ़ प्रभावितों को मदद पहुंचाने में देरी हुई। उन्होंने कहा कि सरकार अच्छा करेगी तो विपक्ष का पूरा सहयोग रहेगा, मदद करने के लिए तैयार है, लेकिन सरकार इस मामले में राजनीति न करे और बाढ़ पीड़ितों की मदद करे। उन्होंने कहा कि चंद्रताल में बचाव अभियान के दौरान सेना पर की गई टिप्पणी भी दुर्भाग्यपूर्ण है। वे शनिवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार राहत कार्य में तेजी की बात कर रही है, लेकिन राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी सड़कें, पेयजल, विद्युत आपूर्ति ठप है। शिमला जिले के सेब बहुल क्षेत्रों में 80 फीसदी सड़कें बंद पड़ी हैं, जबकि सेब सीजन शुरू हो चुका है। पर्यटन उद्योग सदमे में है। पर्यटन स्थलों के होटलों में चार महीने की एडवांस बुकिंग रद्द हो गई। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, बाढ़ से व्यापक नुकसान हुआ है। विपक्ष का इस संकट की घड़ी में सरकार को पूरा सहयोग है। जहां जरूरत होगी, विपक्ष मदद की पूरी कोशिश करेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के भी निर्देश हैं कि आपदा की घड़ी में पार्टी कैडर राहत व बचाव कार्यों में मदद करेगा।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कुछ मामलों में सत्ता पक्ष की ओर से सहयोग नहीं करने के आरोप लगाए जा रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने बरसात के पूर्व तैयारियों को लेकर कोई उच्च स्तरीय बैठक नहीं की और आपदा से निपटने के लिए कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार केंद्र की ओर से मदद नहीं मिलने के आरोप लगा रही है, जबकि केंद्र ने आपदा राहत के तहत प्रदेश को अग्रिम में राशि जारी की गई। एनडीआरएफ और सेना के हेलिकाप्टर को भी सहायता के लिए तैनात किया गया।
जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि आर्मी के जो हेलीकॉप्टर रेस्क्यू के लिए लगे थे, उनमें कांग्रेस के नेतागण खुद बैठकर जा रहे थे और हेलीकॉप्टरों में सेल्फी खिंचा रहे थे। फोटोग्राफी कर रहे थे और उसके बाद उनको सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं, जबकि उन हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल केवल फंसे लोगों को निकालने के लिए होता है। जयराम ठाकुर ने कहा कि जब उनकी सरकार सत्ता में थी तो उन्होंने बाढ़, कोविड-19 जैसी बड़ी महामारियां देखी, लेकिन उस टाइम भी हिमाचल में इस प्रकार की असफल प्रबंधन नहीं हुआ।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हर साल बरसात, गर्मी, सर्दी के दौर आते हैं। बरसात में बाढ़, गर्मी में सूखा और बर्फ में सर्दी की तैयारियां की जाती हैं। इन तैयारियों को लेकर प्रबंधन की दृष्टि से राज्य स्तर की बैठक का आयोजन किया जाता है, जिसमें मुख्यमंत्री और अफसर दोनों भाग लेते हैं। उन्होंने खेद जताया कि इस बार ऐसी कोई बैठक नहीं हुई। उन्होंने कहा कि इस सरकार को पता था कि भारी बारिश आने वाली है, मॉनसून जल्दी आने वाला है, तो बैठक को भी जल्दी करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि विपक्ष की भूमिका होती है कि जहां कमी रही है, उसको सरकार के समक्ष लाया जाए, लेकिन विपक्ष को राजनीति के लिए जिम्मेदार ठहराना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार को विपक्ष को दोष देने से पहले स्वयं का आत्मचिंतन करना चाहिए और फिर गलतियां निकल कर खुद ही सामने आ जाएगी।
केंद्रीय मंत्रियों को फोन से बताई प्रदेश की आपदा
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश भाजपा ने फोन के माध्यम से और व्यक्तिगत जाकर केंद्रीय मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को हिमाचल में बाढ़ की स्थिति के बारे में अवगत करवाया है। जिसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार के माध्यम से हिमाचल प्रदेश में एक 382 करोड़ की राहत राशि प्रदान की। एनडीआरएफ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए, जो टीम नुकसान का जायजा लेने के लिए नवंबर माह में आती है वह तुरंत आ गई। उन्होंने कहा पर मुख्यमंत्री यह बयान देते हैं कि केंद्र से कोई मदद नहीं मिली है, यह झूठ है।
प्रभावितों को फौरी राहत देने में भेदभाव
जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा में पीड़ितों को फौरी राहत देने का कार्य अव्यवस्थित रूप से चल रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पदाधिकारी, विधायक के परिवार के सदस्य, कांग्रेस के कार्यकर्ता फौरी राशि को नकद बांट रहे हैं और उसकी पब्लिसिटी हासिल करना चाहते हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो जनता को रिलीफ देने में भी भेदभाव हो रहा है।
एक अगस्त को आएंगे गडकरी
जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के हिमाचल दौरे को लेकर भी कांग्रेस के नेता राजनीति कर रहे हैं। ठाकुर ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को भी हिमाचल प्रदेश की वस्तुस्थिति बताई और उनको बताया कि नेशनल हाईवे, सड़कों को कितना नुकसान हुआ है। साथ ही उनसे निवेदन किया कि हिमाचल आएं और इसका जायजा ले, वह तुरंत मान गए। अब नितिन गडकरी एक अगस्त को कुल्लू-मनाली आएंगे और उसके बाद एक बार फिर हिमाचल प्रदेश के अन्य क्षेत्रों का भी दौरा करेंगे।
