कुल्लू। मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर ने रविवार को कुल्लू विधानसभा क्षेत्र के ख़राहल वैली व लग घाटी के पीज डुगिलग व दुखरीधार के आपदा प्रभावित लोगों को राहत राशि प्रदान की।
सीपीएस ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुख्खू व प्रदेश सरकार आपदा की इस घड़ी में प्रभावितों के साथ हर कदम पर खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार आपदा प्रभावितों के प्रति संवेदनशील है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुख्खू ने आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए दिये जाने मुआवजा की राशि 10 गुणा तक बढ़ा दी है तथा प्रभावितों के घर -घर जाकर राहत राशि व अन्य सामग्री प्रदान की जा रही है।
सीपीएस ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू स्वयं 2 दिन कुल्लू में डेरा डालकर राहत व बचाव कार्य का जायजा लिया तथा आपदा प्रभवितों से मिलकर उनका दुख दर्द बांटा। उन्होंने लोगों को राहत प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास किए हैं और जिला प्रशासन को उचित दिशा निर्देश भी प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि वह प्रतिदिन आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा व आपदा प्रभावितों को राहत पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। वह लगातार लोगों के राहत एवं पुनर्वास कार्यक्रम में शामिल होकर प्रशासन को उचित दिशा निर्देश जारी कर रहे हैं। मुख्य सड़क मार्गों और सम्पर्क मार्गों को खोलने के लिए वह स्वयं फील्ड में उतर रहे हैं।
सुंदर ठाकुर ने कहा कि गत दिनों चार सदस्यों केंद्रीय अंतर मंत्रालय दल ने कुल्लू जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है। उन्होंने दल से मिलकर कुल्लू जिला को उदार सहायता प्रदान करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह इस शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी है, जिसमें अब तक सरकारी सम्पति को ही 1000 करोड़ रुपए का नुक़सान आंका गया, जिसके और बढ़ने की सम्भावना है। इसके अलावा निजी सम्पति को भो भारी नुक़सान हुआ है। उन्होंने कहा कि जिले में अबतक 361 पक्के कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 970 मकानों को आंशिक नुक़सान पहुंचा है। जिले में 188 व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को भी बाढ़ व भूस्खलन से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रभावितों को करोड़ से अधिक की राशि फौरी राहत के रूप में वितरित की जा चुकी है।
