शिमला। शनि स्वराशी कुंभ में वक्री हो रहे हैं। पंचांग के अनुसार, शनि 17 जून 2023, शनिवार के दिन रात्रि 10 बजकर 56 मिनट पर वक्री चाल चलेंगे और 04 नवंबर तक इसी अवस्था में रहेंगे। इस प्रकार शनि का 139 दिनों के लिए वक्री होना कहीं शुभ तो कहीं अशुभ घटना होंगी।
वशिष्ठ ज्योतिष सदन के अध्यक्ष एवं अंक ज्योतिषी पंडित शशि पाल डोगरा कहते हैं कि अंक ज्योतिष के अनुसार 139 दिनों को शनि का वक्री होना कहीं शुभ तो कहीं अशुभ घटना होंगी। उनकी गणना के मुताबिक 1+7=8 अंक जो शनि का ही अंक है। शनि न्याय का देवता है और कर्म फल दाता है। 139 दिन में वक्री शनि कई लोगों के कर्मो का फल मिलेगा। 1+3+9=13=1+3=4 अंक राहु का अंक है। 4 नवंबर तक शनि वक्री है। जो राहु का ही अंक है। राहु जो वाणी को खराब करता है। राजनीतिक गलियारों में उथल-पुथल करवाता है।
पंडित डोगरा के मुताबिक भारत वर्ष का 1 अंक बनता है। जो सूर्य का अंक है। देश के कुछ प्रदेशों में आने वाले चुनाव में सत्ता परिवर्तन का योग बना रहा है। विश्व व देश के अंदर शनि व राहु के प्रभाव के कारण भूकंप के योग बना रहा है। इस कारण काफी नुकसान का योग है। तेज हवाओं के कारण नुकसान होगा। राहु किसी का शमशान योग बना रहा है। उनका कहना है कि इस दौरान हिमाचल की राजनीति में भी किसी संकट के बादल आ सकते हैं। इस अवधि के दौरान जहां सत्ता में बैठे नेताओं को कठिन दौर से निकलना होगा, वहीं किसी को पद से हाथ धोना पड़ेगा। वहीं, बड़े पदों पर बैठे हुए अधिकारी को पद से हाथ धोना पड़ सकता है। न्याय प्रक्रिया में उलझ के रह सकता है। आम जनमानस परेशानियों में रहेगा।
शनि के वक्री होने से कुछ ग्रहों को मिलेगा लाभ और कुछ के लिए होगा संकट का समय
पंडित डोगरा कहते हैं कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सभी ग्रह एक निश्चित अवधि के लिए वक्री चाल चलते हैं, जिसका प्रभाव सभी राशियों पर सकारात्मक व नकारात्मक रूप से पड़ता है। शनि वक्री के कारण केंद्र त्रिकोण राजयोग का निर्माण हो रहा है, जिसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग प्रकार से पड़ेगा। उनके अनुसार, शनि वक्री का शुभ प्रभाव कुछ राशियों को अधिक प्राप्त होगा। आइए जानते हैं, किन-किन राशियों को शनि वक्री की अवधि में भाग्य, धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी।
मेष राशि
शनि वक्री का शुभ प्रभाव मेष राशि के जातकों पर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। इस अवधि में जातकों को आर्थिक क्षेत्र में लाभ मिलेगा और आय के नए स्रोत प्राप्त होंगे। आर्थिक क्षेत्र से जुड़ी परेशानियां भी समाप्त हो सकती हैं। व्यापार क्षेत्र से जुड़े जातकों को भी अवधि में लाभ प्राप्त हो सकता है।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि वक्री शुभ साबित हो सकती है। इस राशि को केंद्र त्रिकोण राजयोग का लाभ मिलेगा। इस अवधि में कार्यक्षेत्र में उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे और जो लोग नौकरी की तलाश कर रहे हैं, उन्हें भी सफलता प्राप्त हो सकती है।
मिथुन राशि
शनि देव की शुभ दृष्टि मिथुन राशि के जातकों पर भी पड़ सकती है। इस अवधि में इस राशि को कई क्षेत्रों में सफलता मिलेगी और नए अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही इस दौरान विदेश यात्रा के भी योग बन रहे हैं और जातकों को वित्तीय क्षेत्र में सफलता प्राप्त हो सकती है।
सिंह राशि
शनि वक्री की अवधि में सिंह राशि को भी लाभ मिलता हुआ दिख रहा है। इस दौरान आर्थिक क्षेत्र से जुड़े सभी कार्य सफल होंगे और धन लाभ के योग बन रहे हैं। नई योजना पर कार्य शुरू करने से सफलता मिल सकती है। व्यापार क्षेत्र में भी अच्छे अवसर हाथ लग सकते हैं।
मकर राशि
कुभ राशि में होने जा रहे शनि वक्री का शुभ प्रभाव मकर राशि के जातकों पर पड़ सकता है। इस अवधि में आर्थिक क्षेत्र में उन्नति के योग बन रहे हैं और आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। इसके इस दौरान जातक को भौतिक सुख की प्राप्ति भी हो सकती है।
उधर, कर्क, कन्या तुला, वृश्चिक, धनु कुम्भ व मीन राशि के लिए संकट का समय है।
