शिमला।
माकपा ने कहा है कि कोरोना वायरस के कारण देश व प्रदेश में लॉकडाउन व कर्फ्यू से सबसे अधिक गरीब मजदूर, किसान, प्रवासी दिहाड़ीदार व अन्य वंचित वर्ग अत्यधिक प्रभावित हुए हैं। माकपा के राज्य सचिवमंडल सदस्य संजय चौहान ने कहा कि इस लॉकडाउन व कर्फ्यू के चलते एक ओर इन गरीब मजदूरों व किसानों को रोजगार के साथ-साथ रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इनको लेकर कुछ घोषणाएं तो की हैं, लेकिन यह न तो सही रूप में इनकी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करती है और न ही इन्हें उचित रूप में लागू करने के लिए क़दम उठा रही है। जिससे आज यह गरीब व मजदूर वर्ग बेहद कठिन समय से गुजर रहा है और परेशान हैं। चौहान ने सुझाव दिया कि सरकार प्रशासन को तुरन्त निर्देश जारी करे कि वार्ड स्तर पर किसी जिम्मेदार अधिकारी की निगरानी में टीम का गठन कर सभी जरूरतमंद व गरीब लोगों की सूची बनाकर इनको कम से कम एक माह का राशन व अन्य वस्तुएं उपलब्ध करवाया जाए, ताकि इनको कोई परेशानी न उठाना पड़े और यह घरों में ही रहकर लॉकडाउन व कर्फ्यू का पालना करे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक व अन्य अनावश्यक हस्तक्षेप पर तुरन्त रोक लगाई जाए और प्रशासन निष्पक्ष रूप से इस कार्य को स्वयं करे। माकपा नेता ने कहा कि शिमला शहर में यह भी देखा गया है कि केवल कुछ संस्थाएं प्रशासन के दिशा निर्देशानुसार कुछ राहत कार्य चलाने का कार्य कर रही है। लेकिन हाल ही में इनमें से कुछ संस्थाओं ने प्रशासन द्वारा राहत बांटने के लिए उचित व्यवस्था न करने व कुछ लोगों द्वारा अनावश्यक दखलंदाजी पर सवाल उठाये हैं। जिससे राहत सामग्री का आबंटन सही रूप से नहीं किया जा रहा है और कई जरूरतमंद व गरीब लोग जिन्हें सही मायने में इसकी आवश्यकता है और मिलनी चाहिए, उन्हें इससे वंचित रखा जा रहा है और कुछ लोग बार-बार लेकर जमाखोरी कर रहे हैं। सरकार व प्रशासन को इस प्रकार की अनैतिक कार्यों पर तुरन्त रोक लगा कर हर जरूरतमंद व गरीब को उचित राशन व अन्य आवश्यक वस्तुएं उनके घर पर ही उपलब्ध करवाया जाए।
कोई न रहे भूखा, सरकार करे इसे सुनिश्चित – चौहान
चौहान ने कहा कि इस विकट परिस्थिति में सरकार का उत्तरदायित्व बनता है कि कोई भी गरीब जरूरतमंद चाहे वह प्रदेश से है या प्रवासी है, आज रोटी से वंचित न रहे। कुछ राज्यों ने इसके लिये पुख्ता प्रबंध भी किए हैं और राहत पैकेज दिए हैं। जिसमें प्रभावित लोगो को उचित मात्रा में राशन व अन्य वस्तुएं घर पर ही उपलब्ध करवाई जा रही है और रोजमर्रा के खर्च के लिए इन गरीबों के खातों में कुछ नकद राशि भी डाली जा रही है। प्रदेश सरकार को भी इन मजदूरों, गरीब किसानों, प्रवासी व अन्य जरूरतमंदों के लिए राहत पैकेज देकर इनको तुरन्त राहत प्रदान की जाए। माकपा नेता ने मांग की कि प्रदेश में बीपीएल व एपीएल सभी परिवारों को तीन महीने का मुफ्त राशन डिपुओं से तुरन्त वितरित किया जाए। हर गरीब परिवार को चाहे व मजदूर, किसान या प्रवासी है, उसके खाते में तुरन्त 5000 रुपये की राशी डाली जाए, ताकि वह रोजमर्रा की मूलभूत आवश्यकताएं पूर्ण कर सके।
