पंडित डोगरा ने दावा किया कि ऐसा ही योग पार्टी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के वक्त में भी बना था। उन्होंने कहा कि अगर सांसद व वर्तमान में पार्टी के नए प्रदेशाध्यक्ष बने सुरेश कश्यप की जन्म तिथि के हिसाब से चलें तो उनके लिए आने वाला समय बहुत ही संघर्षपूर्ण देगा। वहीं, सुरेश कश्यप के लिए सरकार और संगठन में तालमेल बिठाना बड़ी चुनौती रह सकता है।
पंडिक डोगरा के मुताबिक सांसद सुरेश कश्यम का जन्म 23, मार्च 1971 का है। उनका मूलांक 2+3=5 यादि बुध का अंक है। उन्होंने बताया कि 29 जुलाई को उन्होंने पदभार संभाल उसका जोड़ 2+9=11 बना 11 को जोड़े तो 1+1=2 बना, जोकि चंद्र का अंक है। उन्होंने कहा कि 2 व 5 अंक की आपस में शत्रुता है, जोकि विरोध दे सकता है। उनके मन को विचलित कर सकता है। भाजपा का अपना अंक भी 1 है, जोकि सूर्य का अंक है। 4 अंक यानि राहु के समय में घोषणा होना व पदभार संभालना पार्टी के बीच भविष्य में बगावत दे सकता है। पंडित डोगरा ने कहा कि अंक गणना से तो ऐसा लगता है, कि जो वक्त चल रहा है उसमें पार्टी का अध्यक्ष पूरा समय नहीं निकाल पाएगा।
