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धर्मशाला। हिमाचल के पारंपरिक परिधान विश्व में एक बड़े ब्रांड के रूप में स्थापित हो सकते हैं। हिमाचली टोपी-शॉल इसका उत्तम उदाहरण हैं। हिमाचल प्रदेश के शिक्षा सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने निफ्ट कांगड़ा में स्टूडेंट्स संवाद कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किए।
“फैशन शिक्षा-दृष्टिकोण और क्रियाकलाप” विषय पर आयोजित इस संवाद में विद्यार्थियों नेे सचिव शिक्षा से बात-चीत की। इस दौरान फैशन क्या है, फैशन के क्षेत्र में आने वाली विभिन्न समस्याएं, फैशन के विभिन्न तथ्य, फैशन के क्षेत्र में व्यापकता के स्तर पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में हमारे देश का स्थान कहाँ हैं, इन सभी विषयों पर मुक्त चर्चा हुई, जिसमें छात्रों व अध्यापकों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया।
उन्होंने कहा कि हमारे देश और प्रदेश में पहने जाने वाले पारंपरिक परिधानों में विश्व में ब्रांड के रूप में स्थापित होने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा कि हिमाचली टोपी-शॉल आदि इसका बड़ा उदाहरण है। उन्होंने शिक्षार्थियों को अपने पारंपरिक पहनावे को फैशन के रूप में प्रमोट करने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने छात्रों को फैशन के क्षेत्र में अपना उद्यम स्थापित करने को प्रेरित किया,साथ ही उन्होंने बहु-आयामी शिक्षा को अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने फैशन शिक्षा को ज्ञान के साथ-साथ व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित कर, फैशन शिक्षा को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने का आह्वान भी किया।
इस दौरान निफ्ट कांगड़ा के निदेशक आकाश देवांगन ने शिक्षा सचिव का स्वागत करते हुए संस्थान की गतिविधियों से अवगत कराया।

By admin

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