शिमला। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा है कि पूर्व भाजपा सरकार ने शिमला शहर के विकास के लिए कोई विशेष योगदान नहीं दिया है, बल्कि उनके कार्यकाल में शिमला नगर निगम में रहने वाले लोगों की समस्याओं में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा है कि शिमला की जनता अभी तक भूली नहीं कि किस तरह से लोगों को पानी के लिए रात-रात भर लाइनों में खड़ा होना पड़ा। उन्हें गंदा पानी पीने को मजबूर किया गया, जिससे शहर के सैंकड़ों लोग पीलिया जैसी बीमारी का शिकार बने और कुछ लोगों की दुखद मृत्यु भी हुई।
ठाकुर ने कहा कि आज शिमला शहर सीमेंट के डंगों और लोहे के बड़े-बड़े ढांचों का शहर बन गया है और शिमला की प्राकृतिक सुंदरता पर बदनुमा दाग की तरह है। शिमला शहर में महंगे पानी और कूड़े की समस्या भी भाजपा सरकार की ही देन है। उन्होंने कहा कि भाजपा इन सब के लिए शिमला शहर के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।
रोहित ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनते ही व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में अनेक प्रभावी कदम उठाए गए हैं। सरकार ने शिमला के साथ-साथ मंडी, पालमपुर और सोलन नगर निगम क्षेत्रों में एटिक की ऊंचाई बढ़ाकर 3.05 मीटर कर दी है और एटिक को रहने योग्य बनाया है, जिससे हजारों परिवारों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार भी पांच साल तक सत्ता में रही, लेकिन कोई भी जन हितैषी निर्णय लेने में असफल रही है तथा फिजूलखर्ची को ही बढ़ावा दिया।
रोहित ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनते ही व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में अनेक प्रभावी कदम उठाए गए हैं। सरकार ने शिमला के साथ-साथ मंडी, पालमपुर और सोलन नगर निगम क्षेत्रों में एटिक की ऊंचाई बढ़ाकर 3.05 मीटर कर दी है और एटिक को रहने योग्य बनाया है, जिससे हजारों परिवारों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार भी पांच साल तक सत्ता में रही, लेकिन कोई भी जन हितैषी निर्णय लेने में असफल रही है तथा फिजूलखर्ची को ही बढ़ावा दिया।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू शिमला शहर के लोगों की समस्याओं का निपटारा करने के लिए कई कदम उठाने जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले नगर निगम शिमला के चुनाव में शिमला के जागरूक मतदाता कांग्रेस की विकासवादी सोच को वोट देंगे और भाजपा को उनकी कारगुजारियों का सबक सिखाएंगे।
