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शिमला। वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश में विकासात्मक कार्यों को गति प्रदान करने के लिए 82 करोड़ रुपये से अधिक की पहली किस्त जारी कर दी है। इसमें विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के तहत 34.29 करोड़ रुपये, विकास में जन सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत 12.37 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री ग्राम पथ योजना के अंतर्गत 2.20 करोड़ रुपये और प्रदेश के 10 जिलों के लिए क्षेत्रीय विकेन्द्रीकृत योजना के अंतर्गत 26.19 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, पांगी और भरमौर के जनजातीय क्षेत्रों को विधायक विकास निधि के तहत 5.62 करोड़ रुपये और विकास में जन सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत 2.07 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्रदान किए गए हैं। राज्य सरकार इन योजनाओं के अंतर्गत विकास गतिविधियों के लिए चार तिमाहियों में धनराशि जारी करती है, जिसे विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय विधायक के परामर्श पर खर्च किया जाता है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वर्ष 2023-24 के बजट में विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि बढ़ाकर 2.10 करोड़ रुपये करने की घोषणा की है और उसी के अनुसार पहली किस्त जारी की जा चुकी है। बजट में विधायकों की ऐच्छिक निधि को भी बढ़ाकर 13 लाख किया गया है और विधायकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर राज्य सरकार विधायक प्राथमिकता योजनाओं के लिए नए दिशानिर्देश जारी करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के कुप्रबंधन के कारण प्रदेश खराब वित्तीय हालात से गुजर रहा है और वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था को सुधारने के लिए समुचित उपाय कर रही है। लोगों की सुविधा के दृष्टिगत राज्य में विकास कार्यों को गति देने के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया जा रहा है। सही निर्णय और लोगों के सहयोग से हिमाचल प्रदेश अगले दस वर्षों में देश का अग्रणी राज्य बन कर उभरेगा। सरकार ने विकास के लिए इस वित्त वर्ष में 10 हजार करोड़ रुपये व्यय करने का लक्ष्य निर्धारित किया है जिससे प्रदेश की आर्थिकी में धन का प्रवाह बढ़ेगा।

By admin

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