शिमला। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश की सुक्खू सरकार का दो गारंटियां पूरी करते-करते ही दम निकल गया है। ऐसे में 10वीं गारंटी तक पहुंचते-पहुंचते सरकार की बस हो जाएगी।
जयराम ठाकुर ने सोमवार को राज्य के 2023-24 के आम बजट पर विधानसभा में आरंभ हुई चर्चा पर बोलते हुए बजट को पूरी तरह खोखला करार दिया। उन्होंने कहा कि बजट भाषण बजट आंकड़ों से कतई मेल नहीं खाता है और सरकार ने इस बजट के माध्यम से लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार के जनता को गुमराह करने के प्रयास और जनविरोधी निर्णयों का जमकर विरोध करेगा। उन्होंने यह भी कि सरकार विपक्ष को नजर अंदाज नहीं कर सकती और यदि ऐसा हुआ तो लोग सरकार को नजर अंदाज कर देंगे।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने बजट में पूर्व भाजपा सरकार द्वारा आरंभ की गई सभी कल्याणकारी योजनाओं को बजट से बाहर कर दिया है। उन्होंने कहा कि बजट में एक सौ रुपए में से महज 29 रुपए ही विकास के लिए बचे हैं। ऐसे में प्रदेश में विकास की गुंजाइश बहुत कम हो गई है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार ने विधायकों तक को नहीं बख्शा है और उनकी विधायक क्षेत्र विकास निधि को बंद कर विधायकों को दुबला कर दिया है। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा सैंकड़ों संस्थान बंद करने पर तंज करते हुए कहा कि अब स्थिति यह हो गई है कि प्रदेशभर में लोग बंद-बंद सुनते यह पूछने लगे हैं कि सरकार कब बंद होगी।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने बजट में 2.31 लाख महिलाओं को 1500 रुपए मासिक भत्ता देने की घोषणा कर प्रदेश की महिलाओं को ठगा है। उन्होंने कहा कि ये 1500 रुपए भत्ता उन महिलाओं को दिया जाएगा, जो पहले से ही 1000 और 1150 रुपए सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रतिज्ञा पत्र के अनुसार 18 से 60 वर्ष तक आयु की सभी महिलाओं को यह भत्ता मिलना चाहिए था और इनकी संख्या लगभग 21 लाख है, जिसके लिए सरकार को कम से कम 3600 करोड़ रुपए की जरूरत होगी।
जयराम ठाकुर ने सरकार के ग्रीन हिमाचल के कांसेप्ट की सराहना की और कहा कि वास्तव में यह केंद्र सरकार की योजना है और प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री देश को हरित ऊर्जा देश बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं ताकि फौसिल फ्यूल पर निर्भरता कम की जा सके। उन्होंने प्रदेश सरकार पर एनपीएस कर्मचारियों को ठगने का आरोप लगाया और कहा कि कर्मचारी पुरानी शर्तों पर पेंशन मांग रहे हैं, जबकि सरकार अपना एसओपी बना रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय जहां हर साल औसतन 400 करोड़ रुपए का ऋण लिया गया, वहीं, सुक्खू सरकार इस वर्ष लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का ऋण लेगी। उन्होंने सरकार पर लोगों को ऋणों के मामले पर गुमराह करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हिमाचल में अधिकांश विकास योजनाएं केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित हैं। इसके बावजूद केंद्र के आभार के लिए एक भी शब्द नहीं है। उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष में हिमाचल को केंद्रीय योजनाओं के तहत 18130 करोड़ रुपए मिलेंगे।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय जहां हर साल औसतन 400 करोड़ रुपए का ऋण लिया गया, वहीं, सुक्खू सरकार इस वर्ष लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का ऋण लेगी। उन्होंने सरकार पर लोगों को ऋणों के मामले पर गुमराह करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हिमाचल में अधिकांश विकास योजनाएं केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित हैं। इसके बावजूद केंद्र के आभार के लिए एक भी शब्द नहीं है। उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष में हिमाचल को केंद्रीय योजनाओं के तहत 18130 करोड़ रुपए मिलेंगे।
जयराम ठाकुर ने सरकार पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया और कहा कि संस्थान बंद करने के मामले में सरकार पर सत्ता का सुरूर नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने इस प्रथा को बंद कर दिया था, लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे फिर से शुरू कर दिया है, जो सही नहीं है।
