धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वकविद्यालय के धौलाधार परिसर-1, धर्मशाला के सेमिनार कक्ष में ‘मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स (मूक्सश)रू डिजाइन, डेवलपमेंट एंड डीलिवरी’ विषय पर यूजीसी-सीईसी प्रायोजित एक सप्ताह के संकाय विकास कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्यअतिथि विश्वाविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने शिरकत की। वहीं इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में अधिष्ठाकता, अकादमिक प्रो. प्रदीप कुमार, शिक्षा स्कूल के विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज कुमार सक्सेना मौजूद रहे। बिजनेस स्कूल के अधिष्ठाता प्रो. मोहिंदर सिंह ने अपने विभाग के संकाय सदस्यों के साथ मुख्य अतिथि का स्वागत किया। उद्घाटन सत्र में रिर्सोस पर्सन एसिस्टेंट प्रोफेसर कृष्णकांत राय रहे।
उन्होंने स्वागत भाषण में कुलपति का आभार जताते हुए कहा कि उनके दिशा-निर्देश में बिजनेस स्कूल को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने उद्घाटन सत्र में मौजूद प्रतिभागियों को इस कार्यशाला के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके बाद शिक्षा स्कूल के विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज सक्सेना ने कोविड के समय और उसके बाद ऑनलाइन शिक्षा और डिजिटल ट्रांस्फॉोरमेशन के महत्व के बारे में जानकारी दी। अधिष्ठाता अकादमिक प्रो. प्रदीप कुमार ने मूक में (मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स) के बारे में प्रतिभागियों को बताया। उन्होंने कहा कि असीमित संख्या में छात्रों को कम लागत वाले पाठ्यक्रम प्रदान करके, मूक एक अनौपचारिक शिक्षण मॉडल को मान्य करता है। एमओओसी में नामांकित अधिकांश लोग डिग्री प्राप्त करने वाले कॉलेज के छात्र नहीं हैं, बल्कि वे छात्र हैं जो व्यक्तिगत संवर्धन और आजीवन सीखने के अवसरों की तलाश में हैं।
वहीं इस मौके पर मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने बिजनेस स्कूल को इस आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्कूल की इस तरह के आयोजनों को लेकर जो पहल की गई है इसके लिए विभाग के सभी संकाय सदस्य बधाई के पात्र है। आने वाले समय में निश्चित रूप से यह स्कूल अपनी अलग पहचान बनाएगा। इस स्कूल के लिए कई योजनाएं प्रस्तावित हैं, जिन पर काम किया जाएगा। आने वाले समय में सीईसी के साथ समझौता ज्ञापन भी किया जाएगा। वहीं छात्रों के सर्वागींण विकास के लिए विभाग को कारपोरेट जगत के साथ समझौता ज्ञापन करना चाहिए। जिससे विद्यार्थी आज के युग के साथ-साथ नई स्किल से परिचित हो सकें। वहीं कुछ गांव अडोप्ट किए जाएंगे। इंटीग्रेडिट यूजी-बीबीए प्रोग्राम के साथ-साथ डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे। वहीं इस मौके पर कुलपति ने ई-प्रोस्पेकट्स का भी उद्घाटन किया। धन्यावाद प्रस्ताव बिजनेस स्कूल की प्रो. सूर्य रश्मी ने दिया। इस मौके पर विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य, विभागाध्यक्ष और शोद्यार्थी मौजूद रहे।
