शिमला। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की हिमाचल इकाई ने प्रदेश मंत्रिमंडल द्वारा बस किराये में 25 प्रतिशत की वृद्धि की कड़ी निंदा की है। समिति ने कहा कि हिमाचल में अभी भी कोविड महामारी का प्रकोप तेज है और प्रदेश में वर्तमान भाजपा सरकार ने लोगों की जेब पर फिर भारी बोझ डाला है।
समिति की सचिव फालमा चौहान ने कहा कि सरकार निजी बस संचालकों के आगे नतमस्तक हो गई है। सरकार और निजी बस संचालकों की सांठ गांठ प्रदेश की महिलाओं के ऊपर एक बार फिर से भारी पड़ी है।चौहान ने कहा कि इस कोविड महामारी के चलते प्रदेश में कई हजार लोगों का रोजगार चला गया है और फसलों के ऊपर महामारी का साया है। ऐसे में प्रदेश में लोगों के पास अपना घर का खर्चा चलना मुश्किल हो गया है और महंगई की कोई सीमा नहीं है। ऐसे में सरकार का प्राइवेट बस ऑपरेटरों के सामने नतमस्तक होना प्रदेश की जनता और खासकर महिलाओं के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि आज महिलाओं को अपना खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। घर में गैस, बिजली, पानी, कूड़ा उठाना महंगा और बाहर निकलो तो तेल, किराया महंगा है।
फालमा चौहान ने कहा कि इससे सरकार की मंशा साफ जाहिर होती है कि सरकार प्रदेश में आमजन को जो इन्हें शासन करने के लिए सत्ता में भेजता है, उसे सिर्फ वोट बैंक तक सीमित रखना चाहता है। उन्होंने कहा कि किराया बढ़ने से प्रदेश में प्रत्येक वस्तु महंग हो जाएगी, जिसका आर्थिक बोझ प्रदेश मे इस महामारी के चलते जनता को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि सरकार इस किराया वृद्धि के निर्णय की समीक्षा करे और इस निर्णय को वापिस ले, ताकि प्रदेश की जनता को राहत मिल सके।
