पालमपुर।भारत का प्रसिद्ध महत्वपूर्ण धार्मिक स्थान उतराखंड के जोशीमठ चारों तरफ चर्चा का विषय बना है। मकानों में दरारें पड़ रही है। धरती से पानी निकल रहा है। लोग आंखों में पानी भर कर अपने घरों का छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं। जोशीमठ ही नही, कर्ण प्रयाग, रूद्र प्रयाग और हिमाचल का मकलोडगंज, जोशीमठ के रास्ते पर जाने की तैयारी कर रहा है। ये शब्द हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री शान्ता कुमार ने जारी प्रैस विज्ञप्ति में कहे।
शांता कुमार ने कहा कि 1970 में जोशीमठ के एक पहाड़ की बहुत बड़ी चट्टान टूट कर अलखनन्दा में गिरी। लम्बे शोध के बाद वैज्ञानिकों ने रिपोर्ट दी कि पहाड़ कमजोर है और बढ़ती आबादी और निर्माण कार्य बन्द किये जाए। 50 साल बीत गये, पर उस रिपोर्ट पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। 1976 में भी वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी थी, वह भी अनसुनी कर दी गई। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर पहाड़ों पर बिजली परियोजनाएं और सड़कों के निर्माण के लिए बिना सोचे समझे पहाड़ों का खनन किया जा रहा है। पहाड़ों की छाती छलनी हो गई है। पूरे भारत के पहाड़ी प्रदेशों में यही होने वाला है जो जोशीमठ में हो रहा है। शांता कुमार ने कहा कि आबादी बढ़ती है, तो गाड़ियां भी बढ़ती है। अधिक उद्योग, बिजली योजनायें सड़कें बनानी पड़ती है। भारत में बढ़ती जनसंख्या के कारण अन्धाधुन्ध विकास अब विनाश का कारण बनने लगा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में शिमला जैसा नगर एक पहाड़ पर कंकरीट का एक जंगल खड़ा कर दिया है। भारत के ऐसे बहुत से पहाड़ धीरे-धीरे जोशीमठ के रास्ते पर जाएंगे और इन सब का मूल कारण जनसंख्या विस्फोट है।
उन्होंने कहा देश की राजधानी दिल्ली दुनिया का सबसे बड़ा प्रदूषित नगर बन गया। हवा में ज़हर मिला है। दिल्ली की जनसंख्या लगभग एक करोड़ है, परन्तु गाड़ियों की संख्या एक करोड़ 70 लाख है। हजारों अवैध बस्तियां बसी। कहने को अवैध थी परन्तु बिजली पानी, सड़क सब कुछ मिल गया। लाखों लोग रहने लगे। यह सब बढ़ती आबादी के दबाव में हुआ। सरकार की आंखों के नीचे हुआ और फिर वोट की राजनीति के दबाव में सभी पार्टियों ने मिलकर लाखों लोगों की इन हजारों बस्तियां को वैध करवा लिया।
शांता कुमार ने कहा कि भारत विश्व के पांच अमीर देशों में शामिल हैं परन्तु देश में 19 करोड़ लोग रात को भुखे पेट सोते हैं। बढ़ती बेरोजगारी के कारण नौजवान या अपराध की दुनिया में जा रहे हैं या आत्महत्या कर रहे हैं। इस बढ़ती गरीबी और बेेरोजगारी का सबसे बड़ा कारण जनसंख्या विस्फोट है।उन्होंने कहा कि भारत ने 75 वर्षो में 35 करोड़ की आबादी को 141 करोड़ पर पहुंचा दिया। अब भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला और सबसे अधिक भूखे लोगों वाला देश बन जाएगा।उन्होंने कहा कि देश की इन सभी समस्याओं के लिए केवल और केवल जनसंख्या विस्फोट एक मात्र कारण है। चाहे दिल्ली की जहरीली हवा हो, चाहे जोशीमठ जैसे नगरों की बर्बादी हो। पूरे देश में कई प्रकार की चर्चाए होती हैं परन्तु इस सबके मुख्य कारण जनसंख्या विस्फोट पर चर्चा बहुत कम होती है। आज आवश्यकता है सभी बातों को एक तरफ रख कर जनसंख्या रोकने के लिए एक कड़ा कानून बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने आंखें बन्द करनी हो तो कर ले, परन्तु समय देश को खबरदार कर रहा है और कह रहा है बढ़ती आबादी को रोको, वरना बर्बादी के लिए तैयार रहो।